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UP: 'भैया, मैं जिंदगी में सब कुछ हार गया, अब इस दुनिया में और नहीं रह सकता... पापा के पास जा रहा हूं'

Sat, 23 Mar 2024 08:55 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

मरने से पहले युवक ने अपने ही मोबाइल पर कर्ज में डूबने के बाद नहीं उभरे एवं जिन्दगी से निराश होकर आत्महत्या करने का  निर्णय लेते हुए उसकी बहिन को मां का ख्याल रखने के लिए कहते हुए वीडियो बनाया और विषाक्त खा लिया। उसका वीडियो जैसे ही उसके गांव वालों के पास पहुंचा तो वह दौड़ कर उस स्थान पर पहुंचे जहां उसने वीडियो बनाया था ।
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मृतक सुनील कुमार - फोटो : वीडियो ग्रैब
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विस्तार
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22 मार्च की देर रात हाथरस में सहपऊ क्षेत्र के गांव नगला बिहारी निवासी एक युवक ने अपने ही खेत पर कर्ज के चलते विषाक्त खाकर मौत को गले लगा लिया। युवक ऑनलाइन गेम के जरिए अपने ऊपर चल रहे कर्जों को निपटाने के लिए और कर्ज में डूब गया। युवक ने मरने से पहले अपनी वीडियो बनाकर परिजनों व ग्रामीणों को भेजी। वीडियो देख सब खेत तक पहुंचे, पर युवक की जान बचा न सके। युवक का मरने से पहले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

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नगला बिहारी निवासी 24 वर्षीय सुनील कुमार पुत्र दिनेश चन्द्र ने स्नातक की परीक्षा पास करने के बाद नोएडा में एक प्राइवेट कंपनी में कार्य किया था। करीब 5 वर्ष पूर्व मृतक सुनील के पिता दिनेश चंद्र की मृत्यु हो गई थी। पिता की मृत्यु के दौरान ही सुनील को कंपनी से निकाल दिया गया। नौकरी से निकाले जाने के बाद गांव आ गया। यहां आकर एक प्रोवीजन स्टोर की दुकान खोल ली। यह दुकान भी नहीं चल सकी। नौकरी निकाले जाने व दुकान के न चलने से मृतक परेशान रहने लगा। 

दुकान के न चलने के कारण सुनील ने अपने खेत पर बैंकों से लोन लेना शुरू किया। उसने चार बैंकों से क्रेडिट कार्ड पर भी लोन ले लिया। पेटीएम, एमजॉन, इडेक्स, आईसीआईसीआई से करीब 2.40 लाख रुपये का लोन ले रखा था। वह लोन चुकाने में असफल होने पर टेलीग्राम एप पर ऑनलाइन गेम से जुड़ गया। इस गेम को खेलना शुरू कर दिया। कर्ज चुकाने के लिए एप से पैसे कमाने की चाह शुरू हो गई । धीरे-धीरे इस एप के जरिए और कर्ज में दबता चला गया। 22 मार्च की देर शाम युवक ने अपने ही खेत पर विषाक्त खाकर जान दे दी। जान देने से पूर्व युवक ने एक वीडियो भी बनाया। 

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भैया, मैं जिंदगी में सब कुछ हार गया.... मैं पापा के पास जा रहा हूं 

भैया, मैं जिन्दगी में सब कुछ हार गया। लास्ट स्टेज पर आकर हारा हूं बार- बार , मैं कल 13 लाख रुपये निकासी कर रहा था । लेकिन मुझे यह आइडिया नहीं था कि दो बार में नहीं कर सकते सिर्फ एक ही बार में कर सकते है । आप टेलीग्राम पर जाकर देख लेना हैं वहां पे जाके आपको पता पड़ जाएगी कि मैं क्या कर रहा था ।अब वो रिवर्स हो गया मेरा एमाउन्ट 13 लाख रुपये एक और नेक्स्ट राउंड स्टार्ट हो गया ।अब उसमें माइनस  15 लाख रुपये हैं । अगर आप चाहो तो मैं मरते टाइम यह गारंटी ले रहा हूं आप चाहो तो मां,  शीतल का भविष्य बन जाएगा । आप 15 लाख रुपये जमा करके एक घंटे के अंदर 32 लाख रुपये निकाल लोगे। 15 लाख आपके, बाकी बची रकम शीतल की। मेरा आईडी पासवर्ड है मेरा मोबाइल नम्बर, फिर पासवर्ड बताया । बेटा मैं अब जाते ज्यादा जिन्दगी में कुछ कर नाय सकत चूकिं जब जब जीतबे की कोशिश करी है तब-तब तक एंड में आके जाकर हारा हूं, अपना ध्यान रखियो और मम्मी का भी ध्यान रखियो और  सिसकते हुए बस अब मैं इस इस दुनिया में अधिक नहीं रह सकता, बहिन को पुचकारते हुए ऐं बेटा  मैं पापा के पास जा रहा हूं।

ग्रामीणों पर पहुंचा वीडियो, तो खेतों की ओर दौड़ पडे़ 

मरने से पहले उसने अपने ही मोबाइल पर कर्ज में डूबने के बाद नहीं उभरे एवं जिन्दगी से निराश होकर आत्महत्या करने का  निर्णय लेते हुए उसकी बहिन को मां का ख्याल रखने के लिए कहते हुए वीडियो बनाया और विषाक्त खा लिया। उसका वीडियो जैसे ही उसके गांव वालों के पास पहुंचा तो वह दौड़ कर उस स्थान पर पहुंचे जहां उसने वीडियो बनाया था । जब तक उस स्थान पर ग्रामीण पहंचे तब तक उसने विषाक्त सेवन कर लिया था और उसकी तबियत बिगड़ने लगी। ग्रामीण उसे निजी चिकित्सालय ले गए इसके बाद आगरा ले जा रहे थे तभी रास्ते में उसने दम तोड़ दिया ।
आज कल किशोर-किशोरियों व युवावस्था में ऑनलाइन गेमिंग का चलन काफी बढ़ता जा रहा है। इसमें तरह- तरह के प्रलोभन दिए जाते हैं। युवा रातों-रात अमीर बनने के लालच में इन जालसाजों के चक्कर में फंस जाते हैं। कई बार भरी नुकसान भी उठाना पड़ सकता है। इस तरह के ऑनलाइन गेम से दूर रहना चाहिए और मेहनत की कमाई पर भरोसा करना चाहिए।-डॉ. नरेश गोयल, एसीएमओ। 
-ऑनलाइन गेम के माध्यम से होने वाली धोखाधड़ी हो सकती है। इससे लत सकती है। भारत में केवल उन खेल की ही अनुमति है, जिनमें सट्टा या जुआ शामिल नहीं है, जो लत नहीं लगाते हैं। इसके बाद भी कोई खेल ऐसा है तो उसकी शिकायत की जानी चाहिए। बच्चे फोन पर क्या कर रहे हैं, कौन सा गेम खेल रहे हैं इस पर ध्यान देना चाहिए।- भारत भूषण, प्रभारी , साइबर सेल।
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