पंत चौराहे पर बुधवार की शाम करीब छह बजे ट्रक की टक्कर से एक बाइक सड़क पर गिर गई, जिससे बाइक पर बैठी महिला और उसके 10 महीने का मासूम बेटा ट्रक के पहिये के नीचे आ गए। दोनों की मौके पर ही मृत्यु हो गई। दुर्घटना के बाद जीटी रोड पर करीब आधा घंटे तक जाम लगा रहा। पुलिस ने शवों को सील कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मुकेश पुत्र श्रीनिवासी लाल निवासी गांव पंचमपुर थाना मिरहची जिला एटा गाजियाबाद में बेलदारी का काम करते हैं। बुधवार को वह बाइक से अपनी पत्नी प्रीति और तीन बच्चों के साथ गांव लौट रहे थे। पंत चौराहे पर एक ट्रक ने पीछे से बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर के फलस्वरूप सभी लोग सड़क पर गिर गए। ट्रक आगे बढ़ता रहा। उसके अगले पहिये के नीचे आने से प्रीति (24 वर्ष) तथा उसकी गोद में बैठे 10 महीने के बेटे अतुल की कुचलकर मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे के बाद चौराहे पर चारों तरफ जाम लग गया। तत्काल कोतवाली पुलिस पहुंच गई। शवों को कब्जे में लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भेज दिया। चालक ट्रक को मौके पर खड़ा छोड़कर भाग गया। मृतका के पति मुकेश ने बताया कि वह वोट डालने के लिए गांव वापस जा रहे थे। तभी यह हादसा हो गया। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद जाम खुलवाया।
टूटी सड़क से लग रहा जाम, हो रहीं दुर्घटनाएं
अलीगढ़ बाईपास से एटा रेलवे फाटक तक सड़क में गहरे-गहरे गड्ढे हो गए हैं। इस कारण पूरे दिन जीटी रोड पर जाम लगा रहता है। इससे दुर्घटनाएं हो रही हैं। बुधवार को दुर्घटना में मां-बेटे की मौत की वजह टूटी सड़क ही बनी। गड्ढों के कारण ट्रक असंतुलित हो गया और उसका अगला पहिया बाइक से टकरा गया। बता दें अलीगढ़ बाईपास से एटा रेलवे फाटक तक तीन किलोमीटर का यह सड़क का हिस्सा बुरी तरह टूट गया है। इसमें दोनों ओर गहरे गड्ढे हो गए हैं। इन गड्ढों के कारण भारी वाहन फंस जाते हैं या फिर हिचकोले खाते हुए निकलते हैं। वाहनों की ज्यादा आवाजाही के कारण यहां पूरे दिन जाम लगता रहता है।
कई बार लोक निर्माण विभाग को इस समस्या से अवगत कराया गया है, लेकिन नई सड़क बनाना तो दूर, इसके गड्ढे ही नहीं भरवाए गए हैं। प्रतिदिन लगने वाले जाम के चलते जीटी रोड के दोनों तरफ रहने वाले लोग धूल और धुएं से परेशान रहते हैं। लोगों का कहना है कि जब तक यह सड़क नहीं बनेगी, तब तक न तो जाम से मुक्ति मिलेगी और न ही दुर्घटनाओं से। विभाग की लापरवाही से लोगों में नाराजगी है।