निराश्रित गोवंश की समीक्षा बैठक में हाथरस सीडीओ ने प्रत्येक ग्राम प्रधान को न्यूनतम 50 कुंतल भूसा अपनी गौशाला में दान कराने के निर्देश दिए। विकास विभाग, पशुपालन विभाग, चिकित्सा विभाग एवं जिला पंचायत राज विभाग के अधिकारी- कर्मचारी एक दिन का वेतन भूसा दान के लिए गौ संरक्षण हाथरस के खाते में जमा कराएं।
हाथरस के विकास भवन सभागार में सीडीओ ने जनपद में संरक्षित निराश्रित गोवंशों के संबंध में समीक्षा बैठक की। हर प्रधान को 50 कुंतल भूसा दान कराने का निर्देश दिया। अधिकारी-कर्मचारियों से एक दिन का वेतन भूसा दान के लिए देने को कहा। गौशालाओं में संरक्षित गौवंशों को लू एवं गर्मी से बचाने के लिए काम करने को कहा। ग्राम प्रधानों ने माह मार्च की भरण पोषण धनराशि का अभी तक भुगतान न होने पर अप्रसन्नता जाहिर की।
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गोवंश के भरण पोषण हेतु भूसा संरक्षण एवं भूसा दान अभियान में पाया गया कि दान से प्राप्त भूसा 3460 कुंतल एवं क्रय किया भूसा 87257 कुंतल संग्रहित किया गया है, जबकि जनपद का लक्ष्य 218000 कुंतल है। गौशालाओं मे भूसा दान में प्राप्ति की उपलब्धता शून्य है। सीडीओ ने प्रत्येक ग्राम प्रधान को न्यूनतम 50 कुंतल भूसा अपनी गौशाला में दान कराने के निर्देश दिए। अधिकतम एवं 100 कुंतल से अधिक भूसा दान देने वालों को डीएम द्वारा सम्मानित किया जाएगा। सभी अधिकारी-कर्मचारी विशेष रूप से विकास विभाग, पशुपालन विभाग, चिकित्सा विभाग एवं जिला पंचायत राज विभाग एक दिन का वेतन भूसा दान के लिए गौ संरक्षण हाथरस के खाते में जमा कराएं।
जिला कृषि फार्म में उत्पादित भूसे को अस्थायी गौ आश्रय स्थल समामई रूहल में उपलब्ध कराने के लिए जिला कृषि अधिकारी को कहा गया। 40 गौशालाओं में संरक्षित गौवंशों को लू एवं गर्मी से बचाव के लिए किए जा रहे प्रयासों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने को भी कहा। सहपऊ में गुतहेरा, सासनी में गारवगढी, सादाबाद में तसींगा, मुरसान के ग्राम गौजिया में वृहद गौ संरक्षण केन्द्र खोले जाने हेतु प्रस्ताव एवं आवश्यक कार्रवाई दो सप्ताह में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
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गौशालाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए कजरौठी, पराग डेयरी, पुन्नेर, करील, नगरिया पट्टी देवरी, लिहा आलमपुर के गौ आश्रय स्थलों पर वर्मीकम्पोस्ट एवं गौ-मूत्र से गौनाईल बनाने के लिए जिला कृषि अधिकारी के दिशा निर्देशन में सहायक विकास अधिकारी , सचिव सामूहिक रूप से कार्य करने को कहा। ग्राम प्रधानों ने माह मार्च की भरण पोषण धनराशि अभी तक भुगतान न होने पर अप्रसन्नता जाहिर की। जिस पर सीडिओ ने कहा कि माह मार्च का भुगतान 2-3 दिन में निदेशालय से हो जायेगा। अप्रैल के भुगतान की प्रक्रिया चल रही है।