हसायन कस्बे का स्वास्थ्य केंद्र सिर्फ कहने भर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) है, लेकिन यहां सुविधाएं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर की ही हैं। करीब एक दशक पहले यहां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा मिला था। 30 शैया के इस अस्पताल में तीन चिकित्सक तैनात हैं, लेकिन संसाधनों के अभाव में यह चिकित्सक भी मरीजों को बेहतर इलाज नहीं मुहैया करा पाते।
सीएचसी पर ऑपरेशन थियेटर, एक्सरे मशीन व अल्ट्रासाउंड की सुविधाएं आज तक नहीं मिली हैं। आज भी मरीजों को अच्छे इलाज के लिए हाथरस या दूसरे शहरों पर निर्भर हैं। स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र पर मरीजों को केवल सर्दी, खांसी और बुखार की ही दवाएं मिल पाती हैं। इन दवाओं से फायदा नहीं मिल पाता, तो मजबूरी में मरीजों को स्थानीय अप्रशिक्षित चिकित्सकों के यहां इलाज कराने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
स्वास्थ्य केंद्र पर पिछले एक वर्ष से रक्त परीक्षण अधिकारी, प्रयोगशाला तकनीकी सहायक, नेत्र परीक्षण अधिकारी व नेत्र चिकित्सक ही नहीं हैं। मरीजों को निजी प्रयोगशाला में महंगे दामों पर खून की जांच करानी पड़ती है। यहां से दंत चिकित्सक का स्थानांतरण भी सासनी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए कर दिया गया है। ऐसे में दांतों के मर्ज से परेशान मरीजों को भी निजी चिकित्सकों के यहां जाना पड़ता है।
इन सुविधाओं का है अभाव
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर डेंगू और मलेरिया जैसे रोगों की रोकथाम के लिए बेहतर चिकित्सा सुविधाओं का अभाव है। इन बीमारियों से पीड़ित मरीजों को हाथरस, अलीगढ़ और आगरा के अस्पताल में उपचार के लिए जाना पड़ता है। सीएचसी पर वर्तमान में महिला, दंत चिकित्सक और नेत्र चिकित्सक की आवश्यकता है, लेकिन उच्चाधिकारियों द्वारा अभी तक इनकी तैनाती नहीं की जा रही है।
मरीजों का दर्द
मैं शुगर की जांच कराने और दवा लेने आई हूं, लेकिन प्रयोगशाला में ताला लगा है। कर्मियों ने दवा तो दे दी है, लेकिन शुगर की जांच नहीं हो पाई है।
-राजकुमारी निवासी कटैला
महिलाओं को किसी भी प्रकार की बीमारी होने पर सीएचसी पर तैनात पुरुष चिकित्सक से ही परामर्श लेना पड़ता है। कई महिलाएं तो झिझक की वजह से बिना परामर्श लिए ही लौट जाती हैं।
-नेहा निवासी नगला मया
सर्दी, खांसी और बुखार होने पर लाल, पीले और सफेद रंग की गोली स्वास्थ्य केंद्र से दे दी जाती हैं। स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात चिकित्सक मरीजों से बीमारी पूछकर ही दवा लिखते हैं।
-सीमा निवासी नगला अडू
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर वर्तमान में मरीजों को रक्त की कमी होने के कारण विभिन्न बीमारियों पर स्थानीय स्तर पर रक्त की सुविधा नही होने के कारण रेफर कर दिया जाता है।
-कुलदीप दिवाकर
सीएचसी, ऑपरेशन थिएटर व सीटी स्कैन नहीं होने के कारण दुघर्टना में शिकार हुए लोगों को बेहतर उपचार नहीं मिल पाता। मरीजों को दूर-दराज के शहरों में भागना पड़ता है।
-श्याम कश्यप
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर जो भी सुविधाएं उपलब्ध हैं, उनसे ही मरीजों को बेहतर उपचार देने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाता है। नेत्र चिकित्सक, महिला चिकित्सक व रक्त परीक्षण अधिकारी, प्रयोगशाला तकनीकी सहायक की तैनाती के लिए मैं कई बार मुख्य चिकित्साधिकारी को पत्र लिखकर मांग कर चुका हूं।
-डॉ. अंकुश सिंह, प्रभारी चिकित्साधिकारी