पहले तो नमाजी ईदगाह में जगह न मिलने पर सड़क पर ही जानमाज और चादर बिछाकर नमाज अदा कर लेते थे, लेकिन प्रदेश सरकार ने चूंकि सड़क पर नमाज पढ़ने पर पाबंदी लगा दी है, इसलिए बृहस्पतिवार को जिन नमाजियों को ईदगाह में जगह नहीं मिल पाई, उन्हें पुलिस ने सड़क पर नमाज नहीं पढ़ने दी और लौटा दिया।
हाथरस के सिकंदराराऊ नगर में कई दशक पहले बनी ईदगाह अब छोटा पड़ने लगा है। यही वजह रही कि बृहस्पतिवार को बकरीद की नमाज के लिए पहुंचे बड़ी संख्या में नमाजियों को पुलिस ने ईदगाह खचाखच भरने के कारण लौटा दिया।
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सड़क पर नहीं पढ़ने दी नमाज
पहले तो नमाजी ईदगाह में जगह न मिलने पर सड़क पर ही जानमाज और चादर बिछाकर नमाज अदा कर लेते थे, लेकिन प्रदेश सरकार ने चूंकि सड़क पर नमाज पढ़ने पर पाबंदी लगा दी है, इसलिए बृहस्पतिवार को जिन नमाजियों को ईदगाह में जगह नहीं मिल पाई, उन्हें पुलिस ने सड़क पर नमाज नहीं पढ़ने दी और लौटा दिया। इन नमाजियों को आसपास की मस्जिदों में बैठकर नमाज अदा करनी पड़ी।
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मामले को लेकर मिलेंगे मुख्यमंत्री से
सपा नेता इकराम कुरैशी का कहना है कि वह इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री के यहां जाएंगे। आज तक ऐसा नहीं हुआ है। जनता के सहयोग से बड़ा ईदगाह परिसर बनाने का प्रयास किया जाएगा।
नहीं बची ईदगाह में जगह
बता दें कि पूर्व घोषित समय के अनुसार ईदगाह में सुबह आठ बजे नमाज अदा की जानी थी। नजाज पढ़ने के लिए नमाजी सात बजे से ईदगाह पहुंचना शुरू हो गए। सुबह आठ बजे तक ईदगाह परिसर पूरी तरह भर गया, लेकिन नमाजियों की आवाजाही जारी रही। पुलिस ने देखा कि ईदगाह परिसर में जगह नहीं बची है, तो उन्होंने नमाजियों को लौटाना शुरू कर दिया। ईदगाह से जीटी रोड तक पुलिस ने सैकड़ों नमाजियों को वापस भेज दिया। इसके बाद इन नमाजियों ने अस्पताल वाली मसजिद और सराय उमदा बेगम की मस्जिद में जाकर नमाज पढ़ी। इन दोनों मस्जिदों में भी भीड़ इतनी हो गई कि नमाजियों को बालकनी और छतों पर नमाज पढ़नी पड़ी। ईदगाह पर अपर पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार सिंह, एसडीएम वेद सिंह चौहान, सीओ डॉ. आनंद कुमार, कोतवाल आशीष कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।