पानी की टंकी पर चढ़ने के मामले में स्थानीय प्रशासन की लापरवाही भी सामने आई है। विशाल पंडित के पानी की टंकी पर चढ़ने के बाद भी प्रशासनिक अमला पूरी तरह से सतर्क नहीं हुआ। लापरवाही तो तब सामने आई कि जब विशाल के पानी की टंकी पर चढ़ने के एक घंटे बाद एक गोसेवक पानी की टंकी पर चढ़ गया, किसी भी कर्मचारी ने उसे चढ़ने से नहीं रोका।
मांगे मनवाने का जरिया बनी पानी की टंकियां
हाथरस जिले में अधिकांश पानी की टंकियों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। जिससे आए दिन लोग किसी न किसी मांग को लेकर इन टंकियों पर चढ़ जाते हैं। इस कारण घंटों ड्रामा चलता रहता है। नगर पालिका की बदइंतजामी का खामियाजा पुलिस प्रशासन को भुगतना पड़ता है। पानी की टंकियों पर पालिका प्रशासन व संबंधित विभागों की ओर से कर्मचारियों की तैनाती तो की जाती है, लेकिन इसके बावजूद भी टंकियों पर लोग चढ़ जाते हैं और कर्मचारी नदारद रहते हैं। टंकी परिसर या सीढ़ियों पर दरवाजे नहीं हैं।
केस 1
31 जनवरी घास मंडी स्थित पानी की टंकी पर एक महिला बिजली विभाग की समस्या को लेकर चढ़ गई थी। पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों ने जैसे तैसे महिला को समझा-बुझाकर महिला को टंकी से नीचे उतारा था।
केस 2
2 अगस्त 2022 को अपनी मांगों को लेकर एक महिला कलेक्ट्रेट पर एक कर्मचारी की शिकायत को लेकर पानी की टंकी पर चढ़ गई। अधिकारियों ने बमुश्किल महिला को समझा बुझाकर टंकी से नीचे उतारा था।
केस 3
13 सितंबर 2022 को शुद्ध पेय जल की मांग को लेकर एक बीडीसी सदस्य सादाबाद के कुरसंडा स्थित एक पानी की टंकी पर चढ़ गया था। अधिकारियों के आश्वासान के बाद वह टंकी से नीचे उतरा था।
केस 4
16 जून 2023 को सादाबाद में मंडी परिसर स्थित नगर पंचायत की गोशाला बीमार गोवंश के उपचार न मिलने को लेकर गोसेवक मंडी परिसर स्थित टंकी पर चढ़ गया था। डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। काफी देर बाद एसडीएम के डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई के आश्वासन पर मामला शांत हुआ।