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हाथरस : संपत्ति हड़पने की नीयत से फर्जी पहचान पत्रों से कराया बैनामा

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संवाद न्यूज एजेंसी, सादाबाद।
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नीलकंठ वनखंडी आश्रम नीलकंठ पौडी गढ़वाल उत्तराखंड निवासी श्रीमती श्रद्धापुरी पत्नी कुंज बिहारी ने पुलिस अधीक्षक के आदेश पर कोतवाली में धारा 420, 467 सहित अन्य कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट में कुछ लोगों पर संपत्ति हड़पने की नीयत से फर्जी पहचान पत्रों से बैनामा कराने का आरोप लगाया गया है।
रिपोर्ट में विजय सिंह पुत्र टीकम सिंह निवासी बिसावर, सुग्रीव पुत्र भूप सिंह निवासी नगला भंगड़ी, लक्ष्मण सिंह पुत्र विजय सिंह निवासी बिसावर, विजय सिंह पुत्र रामजलील निवासी बिसावर को नामजद किया गया है। श्रद्धापुरी का कहना है कि वह दिल्ली की निवासी हैं। उनके ससुर ओमप्रकाश पुत्र मिहीलाल निवासी नगला मदारी भाग बिसावर के मूल निवासी थे।
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वह दिल्ली में कारोबार करने लगे। ससुर ओमप्रकाश एवं देवर द्वारिकानाथ, मानिकचंद्र उर्फ हरप्रसाद एवं नानकचंद्र पुत्रगण मिहीलाल के नाम ग्राम बिसावर में कृषि भूमि और एक बाग था। यह सभी की संयुक्त संपत्ति थी। परिवार के लोगों ने गांव के एक व्यक्ति विजय सिंह पुत्र टीकम सिंह को बाग की देखभाल के लिए रखा था।
उनको जानकारी हुई है कि विजय सिंह ने फर्जी वोटर पहचान पत्र तैयार कराकर ओमप्रकाश पुत्र मिट्टीलाल व मानिकचंद्र उर्फ हरप्रसाद नानकचंद्र पुत्रगण मिहीलाल की मृत्यू काफी समय पूर्व हो चुकी थी। आरोपी ने धोखाधड़ी से संपत्ति हड़पने की नीयत से वर्ष 2016 एवं 2017 में ओमप्रकाश मानिकचंद्र व नानकचंद्र के नाम से फर्जी व्यक्तियों को खड़ा कर संपत्ति हड़पने की नीयत से फर्जी पहचान पत्र के आधार पर बैनामा करा लिया है।
छल व फरेब व धोखाधड़ी से दस्तावेज तैयार कर तहरीर व तकमील कर पंजीकृत कराए गए। विजय सिंह भूमाफिया की श्रेणी में आता है और उनकी संपत्ति के प्लॉट बनाकर फर्जी रूप से धनराशि हड़पकर विक्रय कर रहा है। इसका कोई विधिक अधिकार विजय सिंह को नहीं है।
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इस षडयंत्र में सुप्रीव सिंह पुत्र भूप सिंह निवासी नगला भंगड़ी भाग बिसावर, लक्ष्मण सिंह पुत्र विजय सिंह निवासी बिसावर, विजय सिंह पुत्र रामजीलाल निवासी बिसावर फर्जी बैनामे पर गवाह की हैसियत से शामिल हैं। जानकारी होने पर उन्होंने कहासुनी की तो उनसे विजय सिंह आदि ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी और अभद्र व्यवहार किया गया।
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