कोरोना काल के बाद मंगलवार को फिर से जिलेभर के स्कूलों में बच्चों की चहल-पहल दिखी। कई महीने बाद कक्षा छठवीं से आठवीं तक के विद्यार्थियों की पीठ पर बैग दिखाई दिए। बड़े ही उत्साह के साथ बच्चे स्कूल पहुंचे, जहां विद्यार्थियों को थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइजेशन के बाद स्कूल में प्रवेश दिया गया
कोरोना संक्रमण के खतरों के कारण महीनों के लंबे अंतराल से बंद बेसिक शिक्षा विभाग के कक्षा छह से आठवीं तक के स्कूल फिर से गुलजार हो उठे। बच्चों का तिलक लगाकर स्कूलों में स्वागत किया गया। कक्षा छह से आठ तक के बच्चे स्कूलों में आए तो वहीं अब एक सितंबर से कक्षा पांच तक के बच्चे भी आएंगे।
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कोरोना काल के बाद मंगलवार को फिर से जिलेभर के स्कूलों में बच्चों की चहल-पहल दिखी। कई महीने बाद कक्षा छठवीं से आठवीं तक के विद्यार्थियों की पीठ पर बैग दिखाई दिए। बड़े ही उत्साह के साथ बच्चे स्कूल पहुंचे, जहां विद्यार्थियों को थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइजेशन के बाद स्कूल में प्रवेश दिया गया, वहीं बच्चों को स्कूल भेजकर अभिभावक भी खुश दिखे। छठवीं से आठवीं और नौवीं से 12वीं कक्षा के बाद अब एक सितंबर से कक्षा पांचवीं तक के स्कूलों में भी बच्चे पहुंचेंगे। कोविड-19 के चलते पहली से आठवीं तक के बच्चे अब तक एप के जरिये ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे थे।
नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के बाद अब छठी से आठवीं की कक्षाएं भी 24 अगस्त मंगलवार से शुरू हो गईं। महीनों बाद स्कूल में कक्षाएं लगनी शुरू हुईं तो आठवीं तक के बच्चों के चेहरों पर उत्साह देखा गया। शिक्षकों ने कोविड-19 के नियमों का पालन करते हुए सभी बच्चों को स्कूल में एंट्री दी। शिक्षकों ने कहा कि कोविड-19 के चलते प्रभावित पढ़ाई की पूर्ति स्कूल खुलने से ही होगी। कोटा के उच्च प्राथमिक स्कूल के शिक्षक जितेंद्र शर्मा ने बताया कि पहले दिन बच्चों को स्कूल बुलाने के लिए अभिभावकों के पास गए थे, ताकि वह बच्चों को स्कूल भेज सकें।
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मंगलवार को आठवीं तक के सभी राजकीय और निजी स्कूलों को खोल दिया गया है। स्कूल खुलने के बाद स्कूलों में कोविड-19 को लेकर सभी तैयारियां पूरी की गईं। पहले दिन सभी बिंदुओं पर जांच की गई। इसके साथ ही शिक्षा विभाग की ओर से जारी किए गए सभी नियमों का पालन भी किया गया है।
-शाहीन, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
हमें तो स्कूल खुलने का इंतजार था, क्योंकि जो पढ़ाई स्कूल में होती है, उस तरह की पढ़ाई फोन पर नहीं हो पाती है। हमें स्कूल आकर अच्छा लग रहा है। हमारे टीचर जी ने हमें टीका लगाया और हमारा स्वागत किया।
-सानिया, छात्रा कक्षा छह
घर पर पड़े-पड़े परेशान हो गए थे, क्योंकि हमारे स्कूल में बहुत अच्छी पढ़ाई होती है। इस प्रकार की पढ़ाई फोन पर ऑनलाइन नहीं हो पाती है। हमें आज स्कूल आकर बहुत खुशी हो रही है। स्कूल आने पर कोरोना के नियमों का पालन तो हम करेंगे।