न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
ऋण दिलाने व बीमा कराने के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के एक सदस्य को पुलिस ने शनिवार को दबोच लिया। इसके चार साथियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। साइबर सेल व हाथरस जंक्शन पुलिस ने यह कार्रवाई संयुक्त रूप से की। गिरफ्तार अभियुक्त को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
जानकारी के अनुसार शातिर ने वीरेंद्र कुमार पुत्र रामस्वरुप निवासी नगला केशो थाना हाथरस जंक्शन से बीमा कराने के नाम पर 28 अगस्त 2020 को पांच लाख रुपये ऐंठ लिए गए। पीड़ित ने इसकी तहरीर थाने में दी थी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी। पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए प्रभारी निरीक्षक हाथरस जंक्शन व साइबर सेल को निर्देशित किया था।
सात जनवरी को थाना हाथरस जंक्शन पुलिस व साइबर सेल की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसी मुकदमे में पंचवटी सोसाइटी समरखा अपोजिट न्यू वाटर टैंक ग्राम व पोस्ट समरखा थाना ग्रामीण क्षेत्र आनंद जनपद आनंद (गुजरात) निवासी राहुल कुमार फरार चल रहा था। शनिवार को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया। गिरफ्तार करने वाली टीम प्रभारी निरीक्षक राजीव यादव थाना हाथरस जंक्शन, एसएसआई आदेश कुमार, एचसी राहुल यादव शामिल थे।
ऐसे करते थे लोगों के साथ धोखाधड़ी
गिरफ्तार अभियुक्त ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि वह और उसके दोस्त मिलकर पहले प्रतिष्ठित बीमा कंपनियों में काम करते और फिर उन्हीं कंपनियों के डाटा से लोगों को फर्जी मोबाइल नंबर से फोन मिलाकर बीमा कराने का आश्वासन देकर या उनके बीमा पूरा होने का आश्वासन देकर धोखाधड़ी कर फाइल चार्ज, कमीशन, एग्रीमेंट आदि के नाम पर अलग अलग बैंक खातों में रुपये डलवाते थे।