न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
ब्लॉक हाथरस व हसायन क्षेत्र में तैनात दो ग्राम पंचायत अधिकारियों को डीपीआरओ ने निलंबित कर दिया है। दोनों पर विभिन्न आरोपों में एडीओ पंचायत की रिपोर्ट के आधार कार्रवाई की गई है।
एडीओ पंचायत हाथरस ने पत्र के माध्यम से डीपीआरओ को बताया कि ग्राम पंचायत अधिकारी मुकेश कुमार द्वारा कार्यमुक्त आदेश को प्राप्त करने से मना कर दिया गया है। आरोप लगा है कि ग्राम पंचायत बोनई, एवं नगला मान में पंचायत घर विगत वर्ष से निर्माणाधीन हैं। ग्राम पंचायत बोनई, नगला मान एवं केशपुर में पंचायत घर का फर्नीचर एवं कंप्यूटर तक क्रय नहीं किए गए हैं।
ग्राम पंचायत बोनई, नगला मान एवं केशोपुर में सामुदायिक शौचालय पर तैनात केयर टेकर के माह फरवरी 2022 के मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेश-2 के अंतर्गत ग्राम पंचायत केशोपुर एवं नगला मान में एक भी शौचालय का निर्माण नहीं कराया गया है। वहीं, 15 वित्त आयोग की टाइड एवं अनटाइड फंड से एक प्रतिशत धनराशि निदेशालय को प्रेषित नहीं की गई है। विभिन्न आरोपों के चलते डीपीआरओ ने उक्त ग्राम पंचायत अधिकारी को निलंबित कर दिया है।
वहीं एडीओ पंचायत हसायन कृष्ण कांत ने ग्राम पंचायत नगला आल के सामुदायिक शौचालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान पाया कि ग्राम पंचायत नगला आल में सामुदायिक शौचालय बंद पाया गया। सामुदायिक शौचालय के आसपास भारी मात्रा में गंदगी पाई गई। सामुदायिक शौचालय का गड्डा खुला पाया गया। शौचालय प्रयोग के लिए सीढ़ियां एवं रैंप नहीं बनाई गई। पंचायत भवन में गेट, विद्युत, फिटिंग फर्नीचर के साथ-साथ कोई सुविधा उपलब्ध नहीं थीं। रिपोर्ट के आधार पर डीपीआरओ ने ग्राम पंचायत अधिकारी हरिकेश को निलंबित कर दिया है। संवाद