न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
ईद-उल-फितर का पर्व चांद का दीदार होने पर दो या तीन मई को मनाया जाएगा। जैसे-जैसे पर्व नजदीक आ रहा है, वैसे वैसे मुस्लिम परिवारों का माहौल खुशनुमा होता जा रहा है। ईद की खरीदारी के लिए बाजार गुलजार हो गए हैं। मुस्लिम परिवार के लोग खरीदारी में जुटे हैं। इधर, बढ़ती महंगाई का असर भी खरीदारी पर देखा जा रहा है।
गौरतलब है कि कोरोना का प्रकोप कम होने के बाद पहली बार ईद का त्योहार खुलकर मनाया जाएगा। इस बार सहालग का सीजन भी चल रहा है। एक ओर ईद की खरीदारी में भी मुस्लिम परिवारों के लोग जुटे हैं। शहर के मुख्य बाजारों में कपड़े, सेवई, जूता चप्पल, रेडीमेड कपड़े की दुकानों पर खरीदारों भीड़ उमड़ रही है। इस बार महंगाई के चलते लोग जरूरत भर का सामान ही खरीद रहे हैं। बढ़ती महंगाई का असर भी खरीदारी पर देखा जा रहा है।
पेट्रोल-डीजल के बढ़े दामों के कारण इस बार खाद्य सामग्री के दामों में इजाफा हुआ है। बाजार में महंगाई के चलते अभी ज्यादा खरीदारी नहीं हो रही। वैसे अगले एक दो दिन में उम्मीद है कि और खरीदारी होगी।
- मनोज वार्ष्णेय, परचून दुकानदार
ईद के पर्व को लेकर सेवई और मेवा आदि की खरीदारी कर रहे हैं। पर्व पर रिश्तेदार भी आते हैं। तरह-तरह के व्यंजन तैयार करने के लिए जरूरी सामान की खरीदारी कर रहे हैं।
-मोहम्मद शकील, ग्राहक
इस बार पर्व पर महंगाई का सामना करना पड़ रहा है। पहले जो त्योहार तीन से पांच हजार रुपये मनता था। अब सात से आठ हजार रुपये में मन रहा है। खाने की वस्तुओं से लेकर कपड़े, जूते, चप्पल आदि सभी सामान महंगा है।
- छोटू, ग्राहक