हाथरस : रोडवेज बस स्टैंड पर बसों की तलाश में मौजूद लोग। संवाद
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
भाई दूज पर एक तरफ लोगों को रोडवेज की बस सेवाओं से शिकायत रही तो दूसरी तरफ जाम ने भी लोगों को खूब छकाया। जाम ने रोडवेज की कमाई पर कैंची चलाई। जाम की वजह से बसों के चक्कर कम लगे। इसका फायदा डग्गामार वाहनों ने उठाया। जाम में फंसने के कारण बसों में अनावश्यक डीजल की भी बर्बादी हुई।
भाई दूज पर तिलक करने के लिए बहनों के भाइयों के यहां जाने और भाइयों के बहनों के यहां आने का रिवाज है। इस वजह से इस दिन यात्रियों की अच्छी-खासी भीड़ उमड़ती है। इस दिन रोडवेज के पास कमाई का अच्छा मौका था। दीपोत्सव के मौके पर रोडवेज की अच्छा-खासा राजस्व जुटाने की योजना थी, लेकिन भाई दूज पर लगे जाम ने रोडवेज की व्यवस्था खराब कर दी। हाथरस डिपो की काफी बसें लोकट रूटों पर दौड़ रहीं थीं। तीन रूटों पर भीषण जाम रहने से रोडवेज को तगड़ा झटका लगा।
अलीगढ़, आगरा-मथुरा और खंदौली के पास कई घंटे जाम लगा रहा, जबकि जिले में अन्य स्थानों भी जाम के हालात रहे, जिससे बसें कम चक्कर लगा सकीं। जाम में फंसे रहने के कारण काफी डीजल की भी बर्बादी हुई। स्थानीय रोडवेज अफसरों ने बताया कि हमने तो सुविधा के लिए अधिकतर बसों को लोकट रूटों पर लगा दिया था, लेकिन जाम रहने के कारण बसों की आवाजाही कम हो गई। डीजल की खपत भी ज्यादा हुई। शाम को बसों को लंबे रूटों पर रवाना किया गया। संवाद