न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, जिला बाल संरक्षण समिति, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, बाल विवाह, महिला शक्ति केंद्र एवं वन स्टॉप सेंटर की जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) आरबी भास्कर की अध्यक्षता में हुई। सीडीओ ने मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, बाल संरक्षण सेवाएं, रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान योजना, बाल विवाह, वन स्टॉप सेंटर योजना की बिंदुवार समीक्षा की।
जिला प्रोबेशन अधिकारी डीके सिंह ने कहा कि ऐसे सभी बच्चे, जिनके माता-पिता दोनों में से किसी एक की मृत्यु कोविड-19 संक्रमण से हुई हो, ऐसे 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत पालन पोषण, शिक्षा स्वास्थ्य के लिए आर्थिक सहयोग चार हजार रुपये प्रतिमाह प्रति बालक दिया जा रहा है। कोविड-19 से भिन्न अन्य कारणों से अपने माता-पिता या दोनों में से किसी एक अभिभावक को खो दिया है या फिर 18 से 23 वर्ष के ऐसे किशोर, जिन्होंने कोविड या अन्य कारणों से माता-पिता या इनमें से किसी एक को खो दिया है।
जिनके परिवार की अर्जित आय तीन लाख रुपये से कम हो और जिन बच्चों के माता-पिता दोनों की मृत्यु हो गई है, उन पर आय सीमा की शर्तें लागू नही होंगी। 18 से 23 वर्ष तक की आयु के ऐसे किशोर जिनके अभिभावकों की मृत्यु हो गई है, उनको कक्षा 12 तक की शिक्षा पूर्ण करने के बाद राजकीय महाविद्यालय, विश्वविद्यालय, तकनीकी संस्थान से स्नातक डिग्री, नीट, जी, क्लेट आदि प्रतियोगी परीक्षाएं उत्तीर्ण करने वाले मेधावी छात्रों को योजना का लाभ दिया जाएगा।
पीएम केयर योजना के बारे में उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चे, जिनके माता-पिता में से किसी एक की मृत्यु पूर्व में हो गई हो और दूसरे की मृत्यु 11 मार्च 2020 से 31 दिसंबर 2021 तक कोविड-19 से हुई हो, ऐसे अनाथ बच्चों को आयु श्रेणी के अनुसार 18 वर्ष पूर्ण होने पर 10 लाख रुपये तक की राशि दी जाएगी। सीडीओ ने अधिक से अधिक पात्र बच्चों को लाभ दिलाने के लिए जिला पंचायतराज अधिकारी एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी को निर्देश दिए हैं। संवाद