मीरपुर सोसाइटी पर पसरा सन्नाटा।
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संवाद न्यूज एजेंसी, सादाबाद।
प्रदेश सरकार भले ही सरकारी क्रय केंद्रों के माध्यम से गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा करने पर जोर दे रही है, लेकिन गांव मीरपुर स्थित आत्मनिर्भर सहकारी समिति पर बने गेहूं क्रय केंद्र के हालात कुछ और ही बयां कर रहे हैं।
कुछ दिन पहले ही जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने क्षेत्र के गेहूं क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया गया था। उन्होंने केंद्र प्रभारियों को प्रधान और गांव के प्रतिष्ठित लोगों की मदद लेकर गेहूं खरीद शुरू कराने के निर्देश दिए गए थे।
बृहस्पतिवार को जब मीरपुर सहकारी समिति पर बने क्रय केंद्र का हाल देखा गया तो यहां लगा ही नहीं कि अधिकारियों के निर्देशों का पालन किया जा रहा है। गेहूं क्रय केंद्र पर सिर्फ बोर्ड लगा हुआ है। यहां न तो कोई कर्मचारी तैनात है और न ही गेहूं खरीद की कोई व्यवस्था की गई है।
सहकारी समिति मीरपुर के सचिव जितेंद्र कुमार का कहना है कि मैं जरूरी काम से बैंक गया था, इसलिए क्रय केंद्र पर उपस्थित नहीं था। हमारे केंद्र पर गेहूं की खरीद इसलिए नहीं हो पा रही है, क्योंकि सरकारी समर्थन मूल्य 2015 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि व्यापारी घर से गेहूं को 2,300 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर खरीद रहे हैं। उपजिलाधिकारी शिव सिंह का कहना है कि वह शुक्रवार को इस केंद्र पर गेहूं खरीद की जांच कराएंगे।