न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
पिछले दिनों हुई बारिश आलू किसानों के लिए चिंता का सबब बन गई है। मार्च का महीना शुरू हो चुका है, लेकिन आलू की खोदाई अभी पूरी तरह रफ्तार नहीं पकड़ सकी है। वजह है अभी तक खेतों से नमी पूरी तरह खत्म न होना। जहां खोदाई शुरू हो चुकी है, वहां आलू की गुणवत्ता भी ज्यादा अच्छी नहीं निकल रही। खोदे हुआ आलू मिट्टी में लिपटा हुआ निकल रहा है। इसको कोल्ड स्टोर में रखवाने से इसमें सड़न लगने की आशंका रहेगी।
किसानों का कहना है कि वैसे भी इस वर्ष आलू की पैदावार पिछले वर्ष के मुकाबले कम है। अब तक हुई खोदाई में जो आलू निकला है, वह अपेक्षाकृत काफी छोटा है। इसका असर पैदावार में कमी के रूप में देखने को मिल रहा है। आलू की कम पैदावार से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। उन्हें अपनी मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
इधर, आलू की खोदाई और छंटाई करने वाले मजदूर भी पिछले वर्ष से अधिक मजदूरी मांग रहे हैं, जिससे फसल की लागत बढ़ रही है, लेकिन उसके सापेक्ष मुनाफा मिलने की उम्मीद कम ही दिख रही है। किसानों को लग रहा है कि इस बार आलू की फसल उनके लिए घाटे का सौदा साबित हो सकती है। संवाद
पिछले दिनों बारिश होने से आलू की खोदाई पर ब्रेक लग गया था। मार्च महीने का एक सप्ताह निकल चुका है, लेकिन अभी तक खोदाई पूरी तरह शुरू नहीं हुई है। खेतों में नमी होने के कारण आलू के साथ मिट्टी लिपटकर आ रही है, जिससे इसकी गुणवत्ता खराब होने की संभावना है।
-कृष्णगोपाल निवासी छौंड़ा
आलू की खोदाई में देरी हो रही है। जो आलू खुद रहा है, उसके साथ मिट्टी आ रही है, जिससे आलू की छंटाई व बिनाई में भी परेशानी हो रही है। कोल्ड स्टोर में रखने पर इस आलू में सड़न पैदा होने का खतरा है। अगर ऐसा हुआ तो किसान बर्बाद हो जाएंगे।
-मुकेश कुमार निवासी नगला गढू
आलूूूू की पैदावार कम हो रही है। आलू उम्मीद के हिसाब से फूल नहीं रहा। आलू की खोदाई होने पर मिट्टी साथ आ रही है। खेत में नमी अधिक होने से आलू की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है। पैदावार भी कम हो रही है। लागत निकालना भी मुश्किल हो सकता है।
-रघुवीर सिंह निवासी छौंड़ा