हाथरस। शहर व कस्बों में अब जल्द ही स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। इसके लिए विभाग द्वारा डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है। 15 प्रतिशत से अधिक बिजली चोरों वाले इलाकों में सबसे पहले स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। मीटरिंग व्यवस्था को भी दुरुस्त किया जाएगा। बिजली ढांचे को मजबूत करने के लिए जर्जर लाइनों को बदला जाएगा। हाथरस को रिवैंप योजना में शामिल कर लिया गया है। डीपीआर तैयार होने के बाद कंपनियां सर्वे करेंगे। उसके बाद टेंडर प्रक्रिया होगी, फिर स्मार्ट मीटर लगाने की शुरुआत होगी।
उल्लेखनीय है कि जिले के दो लाख से अधिक उपभोक्ताओं को इन दिनों 64 बिजलीघरों के जरिये बिजली की आपूर्ति की जा रही है। तमाम कोशिशों के बावजूद बिजली चोरी का ग्राफ कम होने की बजाय बढ़ता जा रहा है। शहर में 34 प्रतिशत व देहात में 50 प्रतिशत बिजली की चोरी हो रही है। स्मार्ट मीटर बिजली चोरी को रोकने में अहम भूमिका निभाएंगे। संवाद
रिवैंप स्कीम में शामिल हुआ हाथरस
हाथरस। निगम स्तर से हाथरस को रिवैंप योजना मं शामिल किया गया है। इसके तहत जर्जर लाइनों को बदला जाएगा। खंभे से मीटर तक आर्म्ड केबल लगाई जाएंगी। हाई लाइन लॉस को कम करने के लिए स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। सबसे पहले जहां 15 प्रतिशत से ज्यादा चोरी है, वहां स्मार्ट मीटर लगेंगे। योजना के लिए डीपीआर बनाई जा रही है। इसके बाद कंपनियां सर्वे करेंगी। सर्वे के बाद फिर टेंडर प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा। माना जा रहा है अगले वर्ष मीटर लगाने का काम शुरू हो जाएगा। संवाद
हाथरस सहित प्रदेश में लगेंगे 87 लाख मीटर
हाथरस। हाथरस सहित प्रदेश भर में करीब 87 लाख मीटर लगाए जाएंगे। इसकी आला स्तर पर तैयारियां भी चल रही हैं। मीटर लगाने का काम एक कंपनी द्वारा किया जाएगा। स्मार्ट मीटर लगने से उपभोक्ता व विभाग दोनों का खासी राहत मिलने की उम्मीद है। संवाद
रिवैंप योजना में हाथरस को शामिल कर लिया गया है। इस योजना में जर्जर लाइन बदली जाएंगी। आर्म्ड केबल डाली जाएंगी। स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। सबसे पहले उन इलाकों में लगेंगे, जहां 15 प्रतिशत से ज्यादा बिजली की चोरी है। इसकी डीपीआर तैयार की जा रही है। कंपनियां सर्वे करेंगी। फिर टेंडर प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा।
-जगतराम, अधीक्षण अभियंता