मुरसान। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत विकास खंड मुरसान की ग्राम पंचायत जैतपुर में मवेशी शेड के निर्माण के नाम पर लाखों रुपये के घोटाले का मामला सुर्खियों में है। चयनित लाभार्थियों ने इस मामले में एक शिकायती पत्र उच्चाधिकारियों को सौंपा है। जांच के दौरान पता चला कि पांच मवेशी शेड के निर्माण के लिए वर्ष 2020 में धनराशि निकाली गई है। वहीं दो मवेशी शेड का निर्माण तो अभी तक नहीं हुआ है। शेष लाभार्थियों ने शेड का निर्माण अपने पैसे से कराया है।
मनरेगा में काम करने वाले मजदूरों को सरकार पशुपालन में मदद करती है। इन मजदूरों का पशुपालन में मदद के लिए कैटल शेड का निर्माण करवाती है। इस निर्माण में कार्य में होने वाला खर्च मनरेगा से वहन किया जाता है। इस क्रम में ग्राम पंचायत जैतपुर में वर्ष 2020 में मवेशी शेड के निर्माण के लिए पांच लाभार्थियों का चयन किया गया। इनमें से दो लाभार्थियों के खातों से संबंधित मिली भगत से धनराशि निकाल ली गई है। अभी तक इन दोनों लाभार्थियों के मवेशी शेड का निर्माण नहीं हो सका है। संवाद
केस एक
शेड बनवाया नहीं, भुगतान कर दिया
ग्राम जैतपुर निवासी मुकेश ने परियोजना निदेशक (पीडी) ग्राम्य विकास अभिकरण को दिए शिकायती पत्र में कहा है कि मवेशी शेड का निर्माण नहीं कराया गया, लेकिन उसका भुगतान तत्कालीन सचिव व पूर्व प्रधान के द्वारा कागजों में आरपी कांट्रेक्टर के नाम कर दिया गया है। संवाद
केस दो
हमारे नाम से पैसा निकाल लिया, शेड नहीं बनवाया
दूसरे लाभार्थी गांव शीतला निवासी विनोद ने बताया कि हमसे मवेशी शेड निर्माण के लिए कहा गया था। हमारे नाम से धनराशि भी निकाल ली गई, लेकिन अभी तक निर्माण नहीं हो सका है। जांच में सामने आया है कि मवेशी शेड के निर्माण के लिए 12 जुलाई 2020 को मुकेश के नाम पर 93591 रुपये की धनराशि मैटेरियल के लिए निकाली गई है। विनोद के नाम पर भी 93,591 रुपये की धनराशि निकाली गई है। इस मामले के सामने आने के बाद अब जांच शुरू हो गई है। बीडीओ मुरसान ने ग्राम पंचायत जैतपुर का निरीक्षण किया। निरीक्षण में दो मवेशी शेड का मौके पर निर्माण ही नहीं मिला। संवाद
मवेशी शेड का निर्माण न होने के बावजूद धनराशि खाते से निकलने की शिकायत पर जांच की जा रही है। इस संबंध में पूर्व प्रधान, तत्कालीन सचिव, एपीओ और कैशियर को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया गया है। जांच रिपोर्ट जल्द ही उच्चाधिकारियों को भेज दी जाएगी। गांव जैतपुर का निरीक्षण के दौरान दो मवेशी शेड मौके पर नहीं मिले हैं।
-नीरज गर्ग, खंड विकास अधिकारी मुरसान