संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा डेयरी फार्मिंग एवं पशुधन प्रबंध विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम गांव नगला अलिया में आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम पशुपालन द्वारा किसानों की क्षमता में वृद्धि के उद्देश्य से भारत सरकार के डेयरी एवं मत्स्य विभाग नई दिल्ली और अटारी कानपुर द्वारा वित्त पोषण से चलाया गया।
केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. सुधीर कुमार रावत ने किसानों को पशुपालन द्वारा कैसे आय दुगनी की जाए के विषय में विस्तार से जानकारी दी। पशुपालन के बिना आय दुगुनी करना संभव नहीं है। प्रशिक्षण में कुक्कुट पालन कब करें, कैसे करें, कुक्कुट की प्रजाति, आहार, प्रबंधन और रोग के विषय में विस्तार से बताया।
वैज्ञानिक डॉ. पुष्पा ने बताया कि मुर्गी पालन अपनाकर कृषक महिला अपनी आय और अपने आहार में प्रोटीन की पूर्ति सबसे सस्ते में कर सकती हैं। केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. कमल कांत ने मुर्गियों के उचित रखरखाव, आवास का निर्माण कैसे करें और मुर्गी पालन के आय व्यय के बारे में बताया।
यहां पर पशुपालन से संबंधित विभिन्न फोल्डर, मुर्गीपालन प्रबंधन पुस्तक का विमोचन किया गया। पुस्तक किसानों को मुफ्त में वितरित की गई। प्रशिक्षण के अंत में सभी किसानों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर अरुण कुमार, हरिओम शर्मा, सीमा देवी, मिथलेश देवी, उजागर सिंह, प्रमोद कुमार आदि मौजूद रहे।