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हाथरस : गोष्ठी में शिक्षकों की समस्याओं के समाधान पर हुआ मंथन

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हाथरस : शिक्षक गोष्ठी में शामिल संगठन के पदाधिकारी। संवाद - फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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शिक्षक संगोष्ठी का आयोजन मंगलवार को जेपी इंटर कॉलेज कोटा में भारतीय शैक्षणिक संगठन के बैनर तले हुआ। इसमें स्कूलों और शिक्षकों की समस्याओं के समाधान पर विचार-विमर्श किया गया। शिक्षक विधायक डॉ. आकाश अग्रवाल ने कहा कि कोरोना की वजह से स्कूल आर्थिक कठिनाइयों से गुजर रहे हैं। शिक्षा समवर्ती सूची का विषय है। शिक्षा पर होने वाला खर्च हमेशा सरकार की जिम्मेदारी होती है, इसलिए हमारे शिक्षकों का मानदेय तत्काल बहाल किया जाए।
उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को भोजन, ड्रेस, पुस्तक, जूते की जो सुविधाएं मिलती हैं, वही सुविधाएं वित्तविहीन स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों को भी मिलनी चाहिए। सरकार ने कक्षा एक से लेकर आठवीं तक की छात्रवृत्ति बंद कर रखी है, क्योंकि शिक्षा के अधिकार अधिनियम के अंतर्गत कक्षा एक से आठवीं तक के बच्चों को निशुल्क पढ़ाया जाता है, जबकि कक्षा वित्तविहीन स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों को नि:शुल्क शिक्षा का अधिकार नहीं मिल रहा है, इसलिए या तो सभी बच्चों की फीस सरकार की तरफ से विद्यालयों को दी जाए या बच्चों को छात्रवृत्ति दी जाए।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार मजदूरों के हित के लिए तो कार्य करती है, लेकिन प्रदेश के शिक्षकों के हित में कोई कार्य नहीं किया जा रहा है। शिक्षक विधायक ने बताया कि उन्होंने विधान परिषद में भी हमेशा विद्यालय के शिक्षकों को आर्थिक सहयोग और मानदेय देने की बात की है। वित्तविहीन स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों को निशुल्क भोजन, ड्रेस, पुस्तक, जूते आदि दिलाने की मांग उठाई है। इस मौके पर संगठन के प्रदेश महासचिव राजेंद्र सिंह, रामशंकर सारस्वत, रामनाथ कौशिक, राजेश चौधरी, विक्रम सिंह आदि मौजूद थे। संवाद
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