न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
‘विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस’ मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों के बारे में जागरूकता लाने और मानसिक स्वास्थ्य के सहयोगात्मक प्रयासों को संगठित करने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष 10 अक्तूबर को मनाया जाता है। इसके तहत आज जिला अस्पताल परिसर में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन होगा।
जिला स्वास्थ्य शिक्षा सूचना अधिकारी डॉ. चतुर सिंह ने बताया कि वर्ष 1992 में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस की शुरुआत हुई थी। उन्होंने बताया कि जो लोग तनाव या अवसाद में जी रहे हैं, उन्हें अकेला नहीं छोड़ना चाहिए। अकेले में रहने के दौरान अवसाद के चलते आत्महत्या तक का विचार मन में आ सकता है। ऐसे लोगों का ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत है। मानसिक बीमारी किसी भी उम्र में हो सकती है। वर्तमान में बच्चों पर ध्यान देने की ज्यादा जरूरत है। उन्होंने बताया कि इस दिवस पर बागला जिला अस्पताल परिसर में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया जाएगा।
नियमित चिकित्सा पर देना होगा ध्यान
हाथरस। विश्व को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से यह दिन मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि मानसिक रोग कई प्रकार के होते है। इनमें डिमेंशिया, डिस्लेक्सिया, डिप्रेशन, तनाव, चिंता, कमजोर याददाश्त, बाइपोलर डिसआर्डर, अल्जाइमर रोग, भूलने की बीमारी आदि शामिल हैं। उन्होंने मानसिक बीमारी के लक्षण अत्यधिक भय व चिंता होना, थकान और सोने में समस्या होना, वास्तविकता से अलग हटना, दैनिक समस्याओं से निपटने में असमर्थ होना, समस्याओं और लोगों के बारे में समझने में समस्या होना, शराब व नशीली दवाओं का सेवन, हद से ज्यादा क्रोधित होना आदि बताए। मानसिक बीमारी से बचाव के तरीकों के बारे में एसीएमओ डॉ. मधुर कुमार ने बताया कि यदि किसी को मानसिक बीमारी है तो उसे तनाव को नियंत्रित करना होगा। नियमित चिकित्सा पर ध्यान देना होगा। पर्याप्त नींद लेनी होगी। समस्या से ग्रसित व्यक्ति पौष्टिक आहार लें व नियमित व्यायाम करें।