न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
महान स्वतंत्रता सेनानी राजा महेंद्र प्रताप के जन्म स्थान की दशा सुधारने की मांग अब मुखर होने लगी है। लोगों का कहना है कि जिस राजा ने देश-विदेशों में अपनी हुकूमत चलाई हो, उनके जन्म स्थान की कोई देखभाल नहीं कर रहा है। मुरसान में राजा साहब का किला काफी हिस्से में खंडहर में तब्दील हो चुका है।
कुछ हिस्से को उनके वंशजों ने दुरुस्त करा लिया है और उसमें वह निवास कर रहे हैं। राजा साहब के किले के ज्यादातर हिस्से में झाड़ियां उगी हुई हैं। जगह-जगह किले के अवशेष टूटे हुए पड़े हुए हैं। लोग इस किले को पुरातत्व विभाग को देने की बात कर रहे हैं, जिससे उसकी दशा सुधारी जा सके।
प्रशासन खंडहर बने जा रहे इस किले को पुरातत्व विभाग के हवाले कर दे। यहां एक क्रीड़ा स्थल होना चाहिए। राजा महेंद्र प्रताप को शिक्षा से काफी लगाव था, इसलिए यहां पुस्तकालय व शिक्षा से जुड़े संस्थान खोले जाएं। उनके नाम से एक डिग्री कॉलेज भी खोला जाए।
-गिर्राज किशोर शर्मा, पूर्व चेयरमैन
राजा महेंद्र प्रताप विश्वविख्यात थे। उनके जन्म स्थल किले के निकट उनके नाम से बड़ा पार्क होना चाहिए, जिससे यहां आने वाले लोग वहां बैठ सकें। पार्क में उनकी एक भव्य प्रतिमा भी होनी चाहिए। यहां उनके नाम से एक बड़ा साइन बोर्ड लगना चाहिए, एक राजकीय डिग्री कॉलेज भी उनके नाम से होना चाहिए।
-संजय चौहान
राजा साहब के किले को पुरातत्व विभाग को दे देना चाहिए। वह लोग ही उसकी देखभाल सही ढंग से कर सकते हैं। राजा महेंद्र प्रताप देश-विदेश में विख्यात थे। उनके द्वारा किए गए योगदान के बारे में जगह-जगह से जानकारी कर उसे इकट्ठा करके एक लाइब्रेरी बनाई जाए, जिससे उनके द्वारा किए गए कार्यों को लोगों के सामने रखा जा सके।
-हरीश शर्मा
जिस तरह से किले का नक्शा था, उसी के आधार पर एक योजना बनाकर वह कार्य कराया जाए। किले का अच्छी तरह सौंदर्यीकरण कराया जाए। जो भी इमारत बची हुई है, उसकी रंगाई पुताई करके उसे भी ठीक किया जाए। यह किला राजा साहब की अनमोल धरोहर है। इसके माध्यम से नई पीढ़ी को उनके त्याग और बलिदान की जानकारी मिलनी चाहिए।
-कन्हैयालाल
मुरसान में राजा साहब का जन्म स्थान है, लेकिन उनके द्वारा देश-विदेशों में जो कार्य किए गए हैं, उन्हें देखते हुए यहां उनके किले पर कुछ भी नहीं है। किला खंडहर बनता जा रहा है। इसकी देखभाल होना आवश्यक है। अगर इसकी देखभाल शासन-प्रशासन ने नहीं की तो किले का काफी हिस्सा गिर जाएगा।
-शिवदयाल सिंह
राजा साहब ने शिक्षा के लिए काफी जमीन दान में दी है। उनके नाम पर अब शासन-प्रशासन को मुरसान में एक राजकीय कॉलेज खोलना चाहिए। मुरसान में छात्र-छात्राओं के लिए कोई राजकीय कॉलेज नहीं है। राजा साहब के किले का भी काफी हिस्सा नष्ट हो चुका है। उसकी देखरेख होनी चाहिए।
-सीवी सिंह
अलीगढ़, मथुरा और वृंदावन में राजा साहब ने शिक्षा के लिए काफी जमीन दान में दी है, लेकिन मुरसान में उनके नाम से शिक्षा पर कोई कार्य नहीं किया गया है। मुरसान में कोई अच्छा शिक्षण संस्थान नहीं है। शासन-प्रशासन द्वारा राजा साहब के नाम एक अच्छा शिक्षण संस्थान मुरसान में होना जरूरी है। शिक्षण संस्थान की मुरसान को काफी जरूरत भी है।
-सलमान कुरैशी