फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाथरस : बिजली विभाग पर लगाया डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना

विज्ञापन
विज्ञापन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहपऊ (हाथरस)
विज्ञापन

बिजली विभाग में मनमानी चरम सीमा पर है। उपभोक्ताओं पर मनमाने तरीके से बिजली बिल बनाकर भेजना और बाद में सेटिंग कर कम पैसों में मामला रफा-दफा करना अब आम बात हो गई है। ऐसा ही एक मामला क्षेत्र के गांव मढ़ाका में आया है।
वर्ष 2018 में इस गांव के निवासी चेतन्य देव, बृज देव एवं संजय देव पुत्र गण केशव देव ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में एक याचिका दायर की थी। इसमें उन्होंने कहा कि विद्युत विभाग का एक संयुक्त विद्युत कनेक्शन चारों भाइयों के नाम था। इसके बाद एक भाई जयदेव ने उन तीन भाइयों को बिना सहमति से बिजली विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत से उसे काट दिया गया। काफी प्रयास करने के बाद वह संयोजन नहीं जोड़ा गया।
विज्ञापन

जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग में तीनों भाइयों ने संयुक्त परिवाद वरिष्ठ अधिवक्ता आनंद शर्मा के माध्यम से दायर किया। आयोग को पहली बार विद्युत विभाग ने यह कहकर गुमराह करने की कोशिश की कि यह संयोजन केवल जयदेव के नाम ही था। दूसरी बार विभाग के सहायक अभियंता ने मोहर लगाकर आयोग को यह बताने की कोशिश की कि यह संयोजन उनके पिता के नाम था और कनेक्शन विच्छेदन करना उचित बताया गया।
वादी पक्ष के अधिवक्ता ने विद्युत विभाग द्वारा दिए गए प्रमाण को गलत सिद्ध कर दिया। इसके बाद विद्युत विभाग ने एक बार फिर आयोग को यह बताकर गुमराह किया कि विद्युत संयोजन निर्बाध रूप से चल रहा है, लेकिन उनका यह दावा भी गलत साबित हुआ। इसके बाद आयोग के प्रधान न्यायाधीश एवं आयोग के दोनों सदस्यों ने एक मत से पीड़ितों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए विद्युत विभाग पर डेढ़ लाख रुपये का हर्जाना, मानसिक संताप, खर्चा परिवाद परिवादी को सात फीसदी ब्याज सहित दो माह में अदा करने का आदेश दिया।
विज्ञापन

आयोग ने से गैर जिम्मेदार सहायक अभियंता को आयोग को गुमराह करने का जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश विद्युत निगम के निदेशक को दिए हैं। इस परिवाद की पैरवी आनंद शर्मा एडवोकेट और उनके सहयोगी शिवदत्त यादव ने की थी। संवाद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें