संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
जिले में वायरल फीवर फैल रहा है और डेंगू की आशंका भी जताई जा रही है लेकिन जिले में संसाधनों का टोटा है। स्थिति यह है कि जिले के सरकारी अस्पतालों में डेंगू की जांच तक की व्यवस्था नहीं है। इसके लिए भी विभाग को नमूना बाहर ही भेजना पड़ेगा। वहीं से यह पुष्टि होगी कि मरीज डेंगू से पीड़ित है या नहीं। इधर, जिला अस्पताल और प्राइवेट अस्पतालों में बुखार के रोगियों का आना जारी है। साथ ही उल्टी-दस्त के मरीज भी आए।
हर बार की तरह इस बार भी बुखार अपना प्रकोप फैला रहा है। देहात के कई इलाकों में बुखार से कई लोगों की जान जा चुकी है। सिकंदराराऊ के पुरदिलनगर, जरैरा में बुखार से कई मौत हो चुकी हैं। वहीं कुरसंडा में भी कई लोग बुखार की चपेट में आ चुके हैं।
आशंका यह भी जताई जा रही है कि इनमें से कुछ लोग डेंगू से पीड़ित भी हो सकते हैं लेकिन खेदजनक पहलू यह है कि जिले में सरकारी अस्पतालों में डेंगू की जांच की व्यवस्था ही नहीं है। किसी संदिग्ध मरीज का नमूना लेकर उसे डेंगू जांच किट से परीक्षण के लिए अलीगढ़ या आगरा भेजा जाएगा।
तब यह पुष्टि हो सकेगी कि वह डेंगू से पीड़ित है या नहीं। वहीं वायरल फीवर के पीड़ित काफी लोग प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों में अपना उपचार करा रहे हैं। वहीं उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है।
- अभी तक जिले में डेंगू का कोई केस नहीं मिला है। यहां डेंगू की जांच की व्यवस्था नहीं है। संदिग्ध मरीजों की किट से जांच कराई जाती है लेकिन डेंगू है या नहीं यह पुष्टि प्रयोगशाला के परीक्षण के बाद ही होता है। जहां भी बुखार के रोगियों के बारे में सूचनाएं मिल रही हैं। वहां टीमें भेजी जा रही हैं। - डॉ. चंद्रमोहन चतुर्वेदी, सीएमओ