समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री रामजीलाल सुमन के परिवार से तीन दिन में तीन लोगों की मौत हो गई। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। रामजीलाल सुमन के अनुज प्रदेश सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री नारायण सिंह सुमन का 68 वर्ष की उम्र में शुक्रवार को तड़के तीन बजे दिल्ली के मेट्रो अस्पताल में निधन हो गया।
सुमन एक सप्ताह पूर्व कोरोना संक्रमित हुए थे। उनकी मौत से दो घंटे पहले ही उनकी बेटी की भी दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। उससे पहले 21 अप्रैल को नारायण सिंह की पत्नी का भी नोएडा के एक अस्पताल में निधन हो गया था।
गांव बहरदोई निवासी शिवकुमार दीपक ने बताया कि दो दिन पहले नारायन सिंह सुमन की पत्नी एवं पूर्व एमएलसी डॉ. स्वदेश कुमार उर्फ वीरू सुमन की मां कलावती देवी सुमन (64) का 21 अप्रैल को नोएडा के अस्पताल में निधन हो गया था।
मां की मृत्यु का बड़ी बेटी सुभद्रा सिंह उर्फ बबली प्रधान को इतना गहरा सदमा लगा कि बृहस्पतिवार को उन्हें दिल का दौरा पड़ गया और रात को एक बजे उनका निधन हो गया। बेटी की मृत्यु के दो घंटे बाद दिल्ली में पूर्व मंत्री नारायण सिंह सुमन की भी मौत हो गई।
पूर्व कैबिनेट मंत्री नारायण सिंह सुमन, उनकी पत्नी कलावती देवी और बेटी सुभद्रा सिंह के आकस्मिक निधन का समाचार सुनकर सहपऊ व सादाबाद क्षेत्र के अलावा उनके पैतृक गांव बहरदोई में शोक की लहर दौड़ गई। उनके निधन पर लोगों ने उनके आवास पर पहुंचकर संवेदना जताई।
शोक जताने वालों में शंकरपाल, पूर्व प्रधान थान सिंह, राजेंद्र सिंह (पूर्व प्रधान) प्रताप सिंह बघेल, रामवीर सिंह, गौरीशंकर बघेल, डॉ. बाबूलाल, सुशील कुमार, शेर सिंह, किताब सिंह, कवि शिव कुमार दीपक, बनवारी लाल, महेंद्र सिंह, महाराज सिंह, चंदन सिंह, सुरेश बघेल, जतन कुमार, वेद प्रकाश, छोटे खां, फौरन सिंह, विजेंद्र बघेल, दिनेश बघेल, बाबू बघेल, सुनहरी लाल, भूरी सिंह, मुरारीलाल, कैलाशचंद्र, जेपी, हरि ओम, इश्त्याक अली आदि थे।