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हाथरस : छोटे नर्सिंग होम व क्लीनिकों के लिए घातक है सीईए एक्ट

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संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
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क्लीनिकल इस्टेब्लिशमेंट एक्ट (सीईए) 2010 लागू होने से छोटे नर्सिंग होम व क्लीनिक बंद हो जाएंगे। लोगों को अब जो इलाज मिल रहा है, वह इस एक्ट के लागू होने से काफी महंगा हो जाएगा। इसे वहन करना हर किसी के वश का नहीं होगा। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की बैठक हुई। इसमें सीईए एक्ट का विरोध किया गया।
हाथरस सहित प्रदेश के सभी जिलों के निजी चिकित्सक सीईए एक्ट के वर्तमान स्वरूप का विरोध कर रहे हैं, क्योंकि इस एक्ट के लागू होने पर प्रदेश के सभी छोटे नर्सिंग होम व क्लीनिक बंद हो जाएंगे। मजबूरी वश डॉक्टरों को कॉरपोरेट हॉस्पिटल ज्वाइन करने पड़ेंगे। वहां मरीजों को छोटे नर्सिंग होम व क्लीनिक सस्ता इलाज मुहैया करा रहे थे। मरीजों को कॉरपोरेट हॉस्पिटल में महंगा इलाज कराना पड़ेगा।
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आईएमए के जिलाध्यक्ष व पूर्व सीएमओ डॉ. आरपी सिंह ने बताया कि जब तक इस एक्ट में उचित संशोधन नहीं होता, तब तक इसका विरोध होता रहेगा। अगर जरूरत पड़ी तो डॉक्टर सड़क पर उतरने से भी पीछे नहीं हटेंगे। मेजर डॉ. सौरभ, डॉ. महेशचंद्र गुप्ता ने भी सीईए के बारे में विस्तार से जानकारी दी और इसके नुकसान गिनाए।
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डॉ. विनोद सक्सेना ने निजी चिकित्सकों के लिए इस एक्ट को हानिकारक बताया। डॉ. राजू गावर ने भी इस एक्ट को जनता के हित से परे बताया। डॉ. वीपी गुप्ता, डॉ. रामवीर सिंह, डॉ. मनोज शर्मा, डॉ. उमेश कुलश्रेष्ठ, डॉ. अजय बंसल, डॉ. सुनील गुप्ता, डॉ. अनिल गुप्ता, डॉ. साहनी आदि ने भी सीईए एक्ट के बारे में विस्तार से बताया।
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