कलेक्ट्रेट में ज्ञापन देने पहुंचे ई रिक्शा चालक। संवाद
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जिले में संचालित हो रहे गैर पंजीकृत ई रिक्शों को जब्त किए जाने के विरोध में सोमवार की दोपहर को बड़ी संख्या में ई रिक्शा चालक कलेक्ट्रेट पहुंच गए। इन रिक्शा चालकों ने राष्ट्रीय सवर्ण परिषद के बैनर तले अपर जिलाधिकारी न्यायिक मोईनुल इस्लाम को ज्ञापन सौंपा और गैर पंजीकृत ई रिक्शों को नंबर प्लेट दिलाने की मांग की।
जिले में बिना नंबर प्लेट के चल रहे पुराने ई रिक्शों को सड़क से हटाने का अभियान चलाया जा रहा है। सोमवार को राष्ट्रीय सवर्ण परिषद के अध्यक्ष पंकज धवरैया के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ई रिक्शा चालक सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। रिक्शा चालकों ने एडीएम को बताया कि उन्होंने वर्षो से मजदूरी कर या फिर कर्जा लेकर ई रिक्शे खरीदे हैं। प्रतिदिन कड़ी मेहनत करने के बावजूद वह प्रतिदिन 150 से 300 रुपये तक ही कमा पा रहे हैं। ऐसे में वह नए ई रिक्शा खरीदने में सक्षम नहीं हैं, क्योंकि नया ई रिक्शा 1.5 लाख से दो लाख रुपये तक में आ रहा है।
वैसे भी ई रिक्शा वही चलाता है, जिसकी पारिवारिक हालत सही नहीं होती। अधिकांश रिक्शा चालक पुराने कर्जे तक नहीं चुका पाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन के कुछ कर्मचारी चालान और फर्जी गाइडलाइन के नाम पर इन रिक्शा चालकों का उत्पीड़न करते हैं और मारपीट करते हैं।
रिक्शा चालकों ने पुराने ई रिक्शों को नगर पालिका अथवा परिवहन विभाग से मुफ्त नंबर प्लेट दिलवाने और उनके ई रिक्शों को सुचारू रूप से संचालित करने की अनुमति प्रदान करने की मांग उठाई। यदि ई रिक्शा चालकों से मजदूरी का जरिया छीना गया तो वह भूखे मरने की स्थिति में आ जाएंगे। सवर्ण परिषद के जिलाध्यक्ष ने कहा कि यदि ई रिक्शा चालकों की सुनवाई नहीं होती तो संगठन अनिश्चित कालीन आमरण अनशन करने के लिए बाध्य होगा।
नए ई रिक्शा खरीदने का दबाव न बनाए प्रशासन
ई रिक्शा संचालकों ने बताया कि हाल ही में कई कंपनियों ने ई रिक्शा बिक्री के लिए शहर में शोरूम खोले हैं। ऐसे में उन पर नए ई रिक्शा लेने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से गरीबों को मुफ्त या पुराने ई रिक्शों को जमा कर नए ई रिक्शे दिए जाने की मांग की।