शाहजहांपुर। सहरसा से अमृतसर जाने वाली जनसाधारण एक्सप्रेस में करीब 58 वर्षीय अज्ञात बुजुर्ग का शव लगभग 250 किलोमीटर तक किसी ने नहीं उतारा। लखनऊ कंट्रोल के आदेश पर रोजा स्टेशन पर ट्रेन को राेका गया तब जीआरपी ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
यात्रियों ने बताया कि 14603 अप जनसाधारण एक्सप्रेस में गोंडा में बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया था। उसे लोगों ने ट्रेन में भीख मांगते देखा था। इसके बाद टीटीई ने कंट्रोल को सूचना दी। रास्ते में बुढ़बल और सीतापुर स्टेशन पर ट्रेन रुकी थी। बावजूद वहां शव को नीचे नहीं उतारा गया। इस बीच यात्री शव के साथ सफर करते रहे। बच्चे भी डर गए। यात्रियों द्वारा टीटीई से नाराजगी व्यक्त करने के बाद फिर से कंट्रोल को सूचना दी गई। लखनऊ कंट्रोल के आदेश पर रोजा स्टेशन मास्टर ने स्टाॅपेज नहीं हाेने के बाद भी दोपहर सवा एक बजे ट्रेन को रुकवाया। जीआरपी चौकी प्रभारी रजनीश शुक्ला ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। इस बीच करीब ढाई सौ किलोमीटर तक ट्रेन में शव पड़ा रहा और यात्री सफर करते रहे। इंस्पेक्टर जीआरपी मोहम्मद रेहान ने बताया कि शव की पहचान का प्रयास किया जा रहा है। पूर्व के स्टेशन पर ट्रेन का स्टाॅपेज अधिक देर का नहीं होने के चलते शव नहीं उतारा जा सका होगा।