सियाराम कपड़ों की कंपनी को हाथरस के सादाबाद में उसके नाम से मिलते-जुलते कपड़े बेचने की शिकायत मिली थी। कंपनी ने कपड़ों की दुकानों पर छापा मारा। एक दुकान पर सिवाराम नाम के कपड़े मिले, जिन्हें जब्त कर लिया गया।
देश की प्रसिद्ध कपड़ा कंपनी सियाराम की तीन सदस्यीय टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ 17 जनवरी को हाथरस में सादाबाद के मुख्य बाजार में तीन कपड़ा विक्रेताओं की दुकानों पर छापा मारा। छापे के दौरान एक दुकान पर कंपनी के मिलते-जुलते नाम की पैकिंग में बिक रहे कपड़ों के कार्टन व अन्य सामग्री को जब्त कर लिया गया। कार्रवाई से कपड़ा विक्रेताओं में खलबली मची रही।
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कंपनी के प्लांट हेड सुरेंद्र पाटिल ने बताया कि सूचना मिली थी कि सादाबाद में कुछ कपड़ा विक्रेताओं द्वारा सियाराम कंपनी से मिलते-जुलते नामों के कपड़े बेचकर ग्राहकों को गुमराह किया जा रहा है। कुछ जगह तो हूबहू सियाराम के नाम से घटिया ब्रांड के कपड़े बेचे जा रहे हैं। सूचना पर तीन दुकानों पर छापा मारा गया। दो दुकानों पर कुछ नहीं मिला, जबकि एक दुकान पर सियाराम नाम से मिलते-जुलते नाम की पैकिंग में कपड़ों का स्टॉक मिला।
सियाराम कंपनी से मिलते जुलते ट्रेड मार्क सिवाराम का उपयोग किया जा रहा था। यह बिल्कुल सियाराम की तरह लग रहे थे। उन्होंने बताया कि दुकान से कपड़े को जब्त कर सील किया गया है और कोतवाली पुलिस के सुपुर्द किया गया है। उन्होने बताया कि किसी भी कंपनी के ट्रेड मार्क से मिलते जुलते नाम का उपयोग करना वाइलेशन ऑफ ट्रेड मार्क कहलाता है। जानकारी मिलने पर कई व्यापारी सादाबाद कोतवाली पर पहुंच गए।