बीते दिनों एक लिपिक का सीएमओ द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए तबादला किया था। बताया जाता है कि तबादला रुकवाने के लिए लिपिक एक शासनादेश लेकर सीएमओ के पास पहुंच गया और तबादले की कार्रवाई को नियम विरुद्ध बताने लगा। तबादला तो रुका नहीं, उल्टा लिपिक से स्पष्टीकरण तलब कर लिया गया।
हाथरस के स्वास्थ्य विभाग में तैनात लिपिक स्थानांतरण होने के बाद तबादला रुकवाने के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) के सामने शासनादेश लेकर पहुंच गया। तबादला तो नहीं रुका, लेकिन सीएमओ ने उल्टे लिपिक से स्पष्टीकरण तलब कर लिया। नतीजा, लिपिक को माफी मांगनी पड़ी।
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अधिकारी व कर्मचारी के बीच हुए विवाद के बाद से माहौल लगातार गर्म बना हुआ है। बीते दिनों एक लिपिक का सीएमओ द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए तबादला किया था। बताया जाता है कि तबादला रुकवाने के लिए लिपिक एक शासनादेश लेकर सीएमओ के पास पहुंच गया और तबादले की कार्रवाई को नियम विरुद्ध बताने लगा।
तबादला तो रुका नहीं, उल्टा लिपिक से स्पष्टीकरण तलब कर लिया गया। लिपिक को जब अपनी गलती का अहसास हुआ तो उसने तुरंत ही सीएमओ से माफी मांग ली। जिसके बाद बाबू का सीएमओ ऑफिस से सीएचसी सासनी जाने का रास्ता साफ हो गया है। मामला चर्चा में है।