फोटो-2-शहीद उद्यान स्थित कायाकल्प केंद्र में गोष्ठी को संबोधित करते नेचरोपैथ डॉ. राजेश मिश्रा। सं
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हरदोई। ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डियों की कमजोरी) बुजुर्गों में ही नहीं बल्कि कम उम्र के लोगों में देखने को मिल रही है। इस बीमारी के लिए खानपान व दिनचर्या जिम्मेदार है।
शहीद उद्यान स्थित कायाकल्प केंद्र के संस्थापक व नेचरोपैथ डॉ. राजेश मिश्र ने आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए उक्त बात कही। उन्होंने कहा कि विश्व ऑस्टियोपोरोसिस दिवस प्रत्येक वर्ष 20 अक्तूबर को मनाया जाता है। ऑस्टियोपोरोसिस के लक्षणों के बाबत कहा कि इस बीमारी में लगातार थकावट आती है। हाथ और पांव में दर्द रहता है।
कमर दर्द की शिकायत रहती है। चोट भले ही हल्की लगी हो पर हड्डियां टूटने लगतीं हैं। उन्होंने कहा कि खाने में कैल्शियम और प्रोटीन युक्त पदार्थों को शामिल करें। प्रतिदिन कम से कम 15-20 मिनट धूप में अवश्य बैठें। रोजाना कम से कम 40 मिनट व्यायाम करें। उन्होंने नित्य सुबह व शाम ध्यान लगाने एवं मादक पदार्थों से दूर रहने की भी सलाह दी। इस दौरान काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।