हरदोई। गांवों के विकास और निर्माण के लिए पंचायतीराज विभाग की ओर से जारी किए जाने वाले रुपये के खर्च में पंचायत सचिव कंजूसी दिखा रहे हैं।
इससे विभाग की स्थिति पिछड़ रही है, विकास और निर्माण कार्य के साथ ही पंचायत के प्रतिनिधियों को मानदेय भी नहीं मिल पा रहा है।
सोमवार को हुई समीक्षा के दौरान 1,293 ग्राम पंचायतों में टॉप 100 डिफाल्टर पंचायत सचिवों को चेतावनी जारी की गई है।
पंचायतीराज विभाग की ओर से गांवों के विकास, निर्माण और पंचायत प्रतिनिधियों सहित कर्मियों के मानदेय के भुगतान के लिए राज्य वित्त और केंद्रीय वित्त आयोग की मद में बड़ी मात्रा में रुपये जारी किए जाते हैं। इन्हें गांवों के विकास कार्यो पर खर्च करना होता है। लेकिन जिम्मेदार लापरवाही बरतते हैं। सोमवार को जिला पंचायतराज अधिकारी ने ग्राम पंचायतों के खातों में बैलेंस और खर्च की समीक्षा की। उन्होंने पंचायतों के खातों में बैलेंस रुपये के आधार पर पंचायत सचिवों को खर्च में तेजी लाए जाने के निर्देश दिए।
कहा कि पंचायत सचिव भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने में भी लापरवाही बरत रहे हैं। जिससे विभाग की स्थिति पिछड़ रही है। उन्होंने खातों में रुपये बैलेंस होने पर नाराजगी जाहिर की।
कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों सहित कर्मियों के मानदेय का भुगतान समय से किया जाए।