हरदोई। बेरोजगारों का कौशल निखारकर स्वरोजगार की राह पर आगे बढ़ाने की महत्वाकांक्षी योजना में जिले में लापरवाही हो रही है। आलम यह है कि दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल विकास मिशन योजना के तहत ऐसे प्रशिक्षकों को तैनात कर दिया गया, जो इसकी अर्हता ही नहीं रखते। सीडीओ के औचक निरीक्षण में पूरा मामला खुल गया। सीडीओ ने मिशन के जिला समन्वयक आईटीआई के प्राचार्य को कठोर चेतावनी जारी कर सुधार के निर्देश दिए हैं।
सीडीओ आकांक्षा राना ने मंगलवार को बिलग्राम चुंगी के निकट कौशल विकास मिशन के तहत संचालित प्रशिक्षण केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान कौशल विकास मिशन के एमआईएस मैनेजर निर्मल किशोर मिश्रा और सेंट्रल मैनेजर उमेंद्र कुमार मौजूद थे। मौके पर दो बैच को प्रशिक्षण दिया जा रहा था। सीडीओ ने जब प्रशिक्षकों का विवरण देखा तो पता चला कि चार प्रशिक्षकों की जगह तीन प्रशिक्षक ही मौके पर मौजूद हैं। इन्हें प्रशिक्षण का उचित ज्ञान नहीं है।
इस स्थिति पर सीडीओ ने नाराजगी जताकर आईटीआई के प्राचार्य को कठोर चेतावनी दी है। सीडीओ ने आईटीआई के प्राचार्य को भेजी नोटिस में कहा है कि कौशल विकास मिशन के जिला समन्वयक होने के बाद भी उक्त प्रशिक्षण केंद्र का निरीक्षण नहीं किया गया। महत्वाकांक्षी बेरोजगारी उन्मूलन योजना में लापरवाही की गई। प्राचार्य को यह निर्देश भी दिए हैं कि हर सप्ताह कम से कम दो केंद्रों का वृहद निरीक्षण कर फोटोयुक्त निरीक्षण आख्या उपलब्ध कराएं।
यह मिली स्थिति
दो प्रशिक्षक टीओटी (ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स) उत्तीर्ण नहीं हैं जबकि एक प्रशिक्षक की टोओटी की अवधि खत्म हो चुकी है। सीडीओ ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं से जानकारी ली, तो पता चला कि प्रशिक्षुओं का व्यावहारिक ज्ञान बेहद कम है।