हरदोई। ग्रामीण इलाकों में स्वच्छता बनाए रखने के उद्देश्य से प्रत्येक ग्राम पंचायत में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया गया है। स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से समृद्ध करने के उद्देश्य से सामुदायिक शौचालयों के संचालन की जिम्मेदारी समूहों को देने का निर्णय हुआ, लेकिन इस महत्वाकांक्षी योजना को भी पंचायतों के जिम्मेदारों ने पलीता दिखा दिया। हाल यह है कि जिन्हें भुगतान किया गया, उनका समूह से कोई लेना देना नहीं है। हरियावां विकास खंड में यह खेल सामने आया है।
हरियावां विकास खंड की ग्राम पंचायत रहीमपुर में सामुदायिक शौचालय का संचालन करने के लिए ज्योति नाम की महिला को 27 हजार रुपये का भुगतान ग्राम पंचायत से कर दिया गया। ज्योति किसी भी स्वयं सहायता समूह की सदस्य नहीं है, लेकिन ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों ने उसे भुगतान कर दिया।
हरियावां विकास खंड की ग्राम पंचायत कटिघरा में सामुदायिक शौचालय के रखरखाव और संचालन के नाम पर गीता ट्रेडर्स को 27 हजार रुपये का भुगतान कर दिया गया। ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों ने न तो नियम को याद रखा और न ही कानून को। समूह को भुगतान किया जाना था, लेकिन एक फर्म विशेष को भुगतान कर दिया गया।
हरियावां विकास खंड की ग्राम पंचायत बखरिया में रामनाथ को सामुदायिक शौचालय का संचालन करने के नाम पर 27 हजार रुपये का भुगतान कर दिया गया। रामनाथ किसी भी स्वयं सहायता समूह के सदस्य नहीं हैं, लेकिन ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों ने इसकी अनदेखी कर उन्हें भुगतान कर दिया।
इन ग्राम पंचायतों में हुए गलत भुगतान
हरियावां विकास खंड की 26 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालयों का संचालन करने के नाम पर भुगतान किया गया है। इन सभी ग्राम पंचायतों में गलत भुगतान हुआ है। मतलब यह कि जिन लोगों को संचालन के लिए भुगतान किया गया है, उनका किसी भी स्वयं सहायता समूह से कोई लेना-देना नहीं है। हरियावां विकास खंड की ग्राम पंचायत बखरिया, दूल्हापुर, मझिया, अलियापुर, अहमदी, हिंगुआपुर, मुुरवा, भदेवरा, खेरिया, जरेली, सिरसा, गदाईपुर, मरई, सधिनावां, कठेठिया, कटिघरा, लेहना, रनियामऊ, टंडौना, पैढ़ाई, कायमपुर, कपूरपुर चौधी, पेंग, बाबूपुर कचनारी, रहीमपुर, और टंडौरखेड़ा में गलत भुगतान हुआ है।
लगभग सात लाख रुपये का गलत भुगतान
विभागीय सूत्र बताते हैं कि लगभग सात लाख रुपये का गलत भुगतान हरियावां विकास खंड की 26 ग्राम पंचायतों में हुआ है। 26 में से 25 ग्राम पंचायत में प्रत्येक से 27 हजार रुपये का भुगतान किया गया है, जबकि एक ग्राम पंचायत से लगभग 19 हजार रुपये का भुगतान गलत व्यक्ति/संस्था को किया गया है।