हरदोई। विधानसभा चुनाव के चौथे चरण में शामिल रहे जिले में मतदान हुए करीब एक सप्ताह होने को आया है। कमोवेश इतने दिनों बाद ही मतगणना का दिन आने वाला है।
10 मार्च को होने वाली मतगणना के बाद जिले की सभी आठों विधानसभा सीटों के चुनाव परिणाम सबके सामने होगे।
सीटें आठ हैं तो विजेता आठ होंगे, मगर जब तक परिणाम नहीं आ जाते तब तक चुनावी रण में मुख्य मुकाबले में रहे प्रत्याशियों के बीच जीत हार को लेकर अपने-अपने गणित एवं रुझानों को लेकर कयासबाजी चलती रहेगी।
जिले की एक दो सीटों की बात छोड़ दी जाए तो ज्यादातर सीटों पर अबकी चुनाव परिणाम लोगों के गणित अनुमानों से परे हो सकते हैं। दरअसल इस बार के चुनाव में वोटरों ने बेहद खामोशी के साथ मतदान किया है।
खास बात यह रही कि ज्यादातर लोगों ने सबके मुंह देखी बातें की। इन बातों पर यकीन किया जाए, तो चुनाव परिणाम चौंकाने वाले हो सकते हैं। जानकारों का कहना है कि कई जगहों पर पुराने चेहरों की वापसी होती दिख रही है।
पिछले चुनावों में हुए वोट प्रतिशत के बराबर ही कमोवेश हुए वोट में इस बार चुनावी परिणामों को लेकर सियासी पंडितों के अनुमान में उलझ गए हैं। दरअसल इस बार किसी की कोई लहर नहीं दिखाई पड़ी है।
खामोशियों के बीच आई आहटों और इशारों पर यकीन करें तो व्यक्तित्व प्रभाव का असर ज्यादा रहा है। चुनावी मुद्दों के नाम पर प्रत्याशी एक दूसरे को लेकर खुद को जनता के बीच अच्छा बताने के प्रयास तक सीमित रहे।
प्रमुख दलों के ज्यादातर प्रत्याशियों नेे चुनाव प्रचार एवं वोटर्स को अपने स्टार प्रचारकों के सहारे छोड़ दिया। जिन प्रत्याशियों ने वोटर्स को खुद से जोड़ कर चुनाव लड़ा है, वो स्वयं जानते हैं।
साथ ही उनके समर्थकों को भी पता है कि व्यक्तित्व प्रभाव से मुकाबले में आगे हैं।
यही कारण है कि इस बार खामोशियों का मतलब सब अपने-अपने हिसाब से लगा रहे हैं, मगर मंझे हुए पुराने खिलाड़ियों को पता है कि चुनाव में वोटर्स का इशारा ही नहीं, बल्कि झुकाव किस ओर रहा है और ज्यादातर ने निर्णय क्या दिया होगा।
फिलहाल सबके अपने अनुमान एवं गणितों के बीच चल रही हार जीत की चर्चाओं पर मतगणना के बाद तस्वीर साफ हो जाएगी। मतगणना तक कयासों एवं अटकलों के दौर में कहीं डरावने सपने है, तो कहीं जीत पर बाजी लगा रहे अपने हैं।
प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में है बंद
जिले की सभी आठ सीटों पर प्रमुख दलों सहित करीब 85 प्रत्याशी चुनावी रण में रहे हैं।
इनमें सवायजपुर से 14, बिलग्राम मल्लावां से 13, शाहाबाद से 12, सांडी से 12, संडीला से 10, बालामऊ से नौ, हरदोई सदर से आठ और गोपामऊ विधानसभा सीट से सात प्रत्याशी चुनाव लड़े हैं।
इनमें सबसे ज्यादा प्रत्याशी सवायजपुर से तो सबसे कम गोपामऊ सीट पर चुनाव लड़े हैं। 23 फरवरी को हो चुके मतदान के साथ इन सभी का भाग्य ईवीएम में लाक हो चुका है।
मतगणना को लेकर कड़ी निगरानी
मंडी परिसर में होने वाली मतगणना के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के साथ पूरे परिसर को कड़ी निगरानी में रखा गया है।
परिसर में ईवीएम आदि की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पहले दिन से ही पुलिस बल तैनात है। इसके साथ ही कई अफसरों को वहां मानीटरिंग करने के लिए लगाया गया है। हर तरफ से चाक चौबंद व्यवस्थाएं की गई हैं।
- अविनाश कुमार, जिलाधिकारी