ांडी/हरपालपुर/सवायजपुर। गंगा और गर्रा नदी के जलस्तर में हुई वृद्धि से सवायजपुर और बिलग्राम तहसील क्षेत्र के दर्जनों गांवों के हजारों बाशिंदों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। गांव टापू बन गए हैं। फसलें डूब गईं हैं और स्कूलों में भी पानी भर गया है। हालात से निपटने के लिए राजस्व महकमे के साथ ही पुलिस टीम भी बाढ़ प्रभावित इलाके में कैंप कर रही है। सोमवार शाम डीएम अविनाश कुमार ने अधिकारियों के साथ बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा किया।
बीते दिनों पहाड़ी इलाकों में हुई बारिश और इसके बाद बांधों से नदियों में छोड़े गए पानी का व्यापक असर सोमवार सुबह नजर आया। सवायजपुर तहसील क्षेत्र में कटरी के इलाकों में कई गांवों का पड़ोसी गांवों से संपर्क टूट गया है। बड़ी संख्या में गांवों में खेतों में तैयार हजारों बीघा फसल जलमग्न हो गई है। अर्जुनपुर, सुरजूपुर दुर्जना, चाऊंपुर, बड़ा गांव, धर्मपुर, बारी, धनियामऊ, मलिकापुर, खैरुद्दीनपुर, बेहथर, अंतूपुरवा, टिकार, बेणीजोर आदि गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है। इन गांवों की फसलें पूरी तरह पानी में डूब गईं हैं। खद्दीपुर चैन सिंह, अलीगंज ननखेरिया, और सुरजूपुर दुर्जना प्राथमिक विद्यालयों में पानी भी भर गया है।
सांडी और मल्लावां के आसपास बढ़ी मुसीबत
गर्रा नदी का जलस्तर भी बढ़ रहा है। सांडी विकास खंड के ग्राम मानीमऊ, अलियापुर, चुन्नीपुरवा, भट्योली, नोनखारा, छितरामऊ, रौरा, रसूलपुर, मलबा अखबेलपुर आदि गांवों में पानी घुस गया है। नोनखारा में राजीव, इच्छाराम, विनीत मिश्रा, साधू और प्रमोद नदी का बहाव तेज होने के कारण मकान तोड़कर ईंटें निकाल रहे हैं। पक्षी विहार के लिए बनाए गए कैनाल पंप में भी पानी भर गया है। बरौलिया में बाढ़ चौकी बनाकर राजस्व कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। वहीं मल्लावां के आसपास स्थित माहिमपुर, लोकैयापुर, शाहपुर, पवार आदि गंगा किनारे के गांवों में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है।
फसलें डूबीं
बाढ़ के पानी से आलू, सरसों, सोया, मिर्चा, धनिया, धान आदि की फसल पानी में डूब गई है। प्रशासन की ओर से ग्रामीणों से सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है। गर्रा नदी में जलस्तर बढ़ने से सांडी विकास खंड के ग्राम जनियामऊ, मानीमऊ, बम्टापुर में भी किसानों की फसल पानी में डूब गई है।
हरपालपुर के तीन विद्यालय बंद किए, सांडी में विद्यालय शिफ्ट
हरपालपुर के खंड शिक्षा अधिकारी सोमनाथ विश्वकर्मा ने खद्दीपुर चैन सिंह, अलीगंज ननखेरिया और सुरजूपुर दुर्जना प्राथमिक विद्यालय अनिश्चितकाल के लिए बंद करने का आदेश जारी किया है। तीनों ही विद्यालयों में बाढ़ का पानी भर गया है। इसके अलावा सांडी विकास खंड के खंड शिक्षा अधिकारी ने चंद्रमपुर, कटरी गंगापुर, पतावरपुर, खुर्रमपुर के परिषदीय विद्यालयों को आसपास स्थित दूसरे विद्यालयों में शिफ्ट किया है।
अफसरों के साथ विधायक ने भी लिया जायजा
बाढ़ की स्थिति का जायजा डीएम अविनाश कुमार ने एसपी अजय कुमार, सीडीओ आकांक्षा राना और एडीएम वंदना त्रिवेदी के साथ लिया। सवायजपुर के ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रत्यूष पांडेय ने भी बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा किया। इसके अलावा सवायजपुर के विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू ने बाढ़ पीड़ितों से मिलकर परेशानियां पूछीं। साथ ही राहत कार्यों के बारे में प्रशासनिक अधिकारियों से भी चर्चा की।
वर्जन
डीएम अविनाश कुमार ने बताया कि सभी बाढ़ पीड़ितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। पूर्ति विभाग को पीड़ितों को खाद्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। डीएम ने फसलों के नुकसान की रिपोर्ट दो दिन में देने के निर्देश तहसीलों के उपजिलाधिकारियों को दिए हैं। हालात पर पूरी नजर रखी जा रही है।