हरदोई। टड़ियावां थाने के डडवानी गांव में पेड़ से प्रेमी-प्रेमिका के शव लटके मिलने से हड़कंप मच गया। दोनों के पास से अलग-अलग सुसाइड नोट भी मिले हैं। हालांकि प्रेमी के परिजन आत्महत्या की बात स्वीकार नहीं कर रहे हैं। सीओ हरियावां अशोक त्रिपाठी का कहना है कि मामला आत्महत्या का ही है, फिर भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
डडवानी गांव निवासी शिवकुमार का 27 वर्षीय इकलौता बेटा राहुल ट्यूशन पढ़ाता था। उसकी इसी गांव के सतीश की 18 वर्षीय बेटी उमा भारती से दोस्ती थी। दोनों की दोस्ती देखते ही देखते प्यार में तब्दील हो गई। उनके प्रेम प्रसंग की चर्चा पूरे गांव में थी। शिवकुमार के मुताबिक वह लखनऊ में काम करता है। उसे जब राहुल और उमा के बारे में पता चला, तो उसने राहुल को काफी समझाया, लेकिन मलना जुलना बंद नहीं हुआ।
मंगलवार सुबह दोनों के शव गांव के बगल में स्थित बबूल के पेड़ से लटके मिले। शिवकुमार के मुताबिक उसने दोनों बड़ी बेटियों की शादियां कर दी है और अब बेटे राहुल की शादी की तैयारी कर रहा था।
शिवकुमार का आरोप है कि उमा के पिता ने राहुल को धमकी भी दी थी। इतना ही नहीं मंगलवार सुबह भी सतीश ने राहुल की मां से घर पर आकर कहा कि बेटे को जाकर देखो, वह कहां है। इसके बाद ही दोनों के शव देखे गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया है।
सुसाइड नोट में साथ में दफन करने की बात लिखी
परिजनों ने बताया कि राहुल की शादी तय थी। 15 दिसंबर को गोद भराई की रस्म हो चुकी थी। शिवकुमार ने बताया है कि राहुल की शादी कोतवाली देहात निवासी युवती से तय थी। इसी साल उसकी शादी भी होने वाली थी। घर पर तैयारियां भी शुरू हो गईं थी। माना जा रहा है कि राहुल परिवार की मर्जी से शादी नहीं करना चाहता था। लिहाजा दोनों ने उसी दिन साथ मरने का फैसला कर लिया था।
सूत्रों के अनुसार उमा ने सुसाइड नोट में घरवालों से माफी मांगी है। लिखा है कि वह राहुल से प्रेम करती है, इसलिए वह सबकी नजरों में गलत है। वहीं राहुल ने भी लिखा है कि वह उमा के साथ जी तो न सका लेकिन उसकी इच्छा है कि उसके व उमा के शव को एक साथ एक ही कब्र में दफन किया जाए। पुलिस दोनों के सुसाइड नोट की हैंड राइटिंग एक्सपर्ट से जांच भी कराएगी।