फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hardoi News: गफलत में दस साल अटकी रही पांच करोड़ के घोटाले की जांच

विज्ञापन
विज्ञापन
हरदोई। पांच करोड़ के सरकारी गेहूं-चावल के गोलमाल की जांच सिर्फ एक गफलत के चलते अटकी रही। पुलिस कहती रही कि ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध शाखा) कर रही है। जबकि ईओडब्ल्यू कहती रही कि हम इसकी जांच क्यों करें। अब दस साल बाद मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। दूसरे आरोपी की माैत हो चुकी है।
विज्ञापन



पिहानी कोतवाली क्षेत्र के इटारा गांव में राज्य भंडारण निगम का गोदाम है। यहां सरकारी गेहूं और धान रखा जाता है। छह दिसंबर 2014 को भंडारण निगम के तत्कालीन क्षेत्रीय प्रबंधक एचसी चौधरी ने तत्कालीन केंद्र प्रभारी जेपीएन सिंह और गोदाम प्रभारी जगपाल सिंह के खिलाफ पिहानी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें जेपीएन सिंह और जगपाल सिंह पर लगभग पांच करोड़ रुपये के गोलमाल का आरोप लगाया गया था। 18 दिसंबर 2014 को तत्कालीन उपनिरीक्षक राजन कुमार ने इसकी विवेचना शुरू की थी, लेकिन जांच आगे नहीं बढ़ी।



इस दौरान जनपद में 13 पुलिस अधीक्षक बदल गए, पिहानी कोतवाली में 14 कोतवाल बदल गए, लेकिन इस विवेचना की तरफ किसी का ध्यान ही नहीं गया। पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने बीते दिनों लंबित विवेचनाओं की समीक्षा की तो पता चला कि वर्ष 2014 की भी एक विवेचना लंबित है और फिर मामले की छानबीन शुरू हुई। इसके बाद पिहानी कोतवाली पुलिस भी सक्रिय हुई और उन्नाव मामले में नामजद उन्नाव जनपद के बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र के चकमीरापुर निवासी जगपाल को गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय में पेश कर उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस ने मामले के दूसरे आरोपी जेपीएन सिंह के बारे में पड़ताल की तो पता चला कि उनकी मौत कई वर्ष पहले हो चुकी है।
विज्ञापन





पुलिस महकमे से जुड़े विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि बड़ी रकम का गोलमाल था। इस कारण मामले की पत्रावली ईओडब्ल्यू को भेजने पर चर्चा हुई थी। इसके बाद कोतवाली पुलिस समझती रही कि मामले की पड़ताल ईओडब्ल्यू से चल रही है, लेकिन वहां से जांच हो ही नहीं रही थी। पूरे मामले का पता चलने पर पुलिस अधीक्षक ने कार्रवाई के लिए अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी मार्तंड प्रकाश सिंह को लगाया और पुलिस एक गुनहगार को गिरफ्तार करने में कामयाब रही।


पिहानी कोतवाली में मामला दर्ज होने के बाद से कोतवाल रहे पुलिस कर्मियों के खिलाफ जांच भी शुरू की गई है। 14 प्रभारी निरीक्षकों को नोटिस भेजकर बयान दर्ज कराने के लिए कहा गया है। अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी मार्तंड प्रकाश सिंह पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।



लंबित विवेचनाओं की समीक्षा के दौरान यह प्रकरण सामने आया था। इसके बाद पिहानी कोतवाली पुलिस को आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगाया गया। एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दूसरे आरोपी की मौत हो जाने की जानकारी फिलहाल मिली है। विवेचनाओं के निस्तारण में लापरवाही करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। -नीरज कुमार जादौन, एसपी
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें