हरदोई। जिले में वायरल व मलेरिया के रोगियों की संख्या बढ़ने से अब डेंगू का खतरा भी मंडराने लगा है। ओपीडी में वायरल फीवर व मलेरिया के रोगियों का तांता लगा हुआ है और अब डेंगू भी सिर उठा रहा है। मरीजों की ओपीडी में भीड़ अधिक बढ़ रही है।
बारिश और धूप के बीच जिले में वायरल बुखार और मलेरिया ने पांव पसार दिए हैं। वायरल फीवर में सर्दी, खांसी व जुकाम के साथ बुखार आता है ऐसे में डॉक्टरों को यह पहचान पाना मुश्किल है कि मरीज को वायरल फीवर है या डेंगू-मलेरिया। जांच कराने के बाद बीमारी जब तक पता चलती है तब तक मरीज पस्त हो जाता है।
जिले में बीते नौ माह में करीब 15 हजार से अधिक जांचे हुई हैं, जिनमें 976 मरीज मलेरिया के मिल चुके हैं। वहीं, अब डेंगू का खतरा भी बढ़ गया है। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल की ओपीडी के चिकित्सक डॉ. हर्ष ने बताया कि मलेरिया के मरीज काफी आ रहे हैं और अब डेंगू के मरीज भी आने लगे हैं। आगामी दिनों में डेंगू के मरीजों की संभावना बढ़ गई है।
मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन सैंकड़ों की संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। सबसे अधिक मरीज बुखार के ही हैं। बुधवार को ओपीडी में 736 मरीज आए, जिसमें से 452 बुखार के रहे। बृहस्पतिवार को 765 मरीज पंहुचे और इसमें भी 412 मरीज बुखार से संबंधित हैं।
चिकित्सक डाॅ. हर्ष और डॉ. अजय कुमार ने बताया कि जलभराव और बढ़ते तापमान के कारण मलेरिया बढ़ रहा है। इससे बचाव ही सबसे बड़ा उपाय है। उन्होंने बचने की सलाह देते हुए कहा कि जगह-जगह पानी जमा न होने दें, किसी व्यक्ति को बुखार, उल्टी और जोड़ोें में दर्द होता है तो तत्काल जांच कराएं। कुछ मामले में मलेरिया सामान्य भी हो सकता है। उसका इलाज घर पर हो जाता है, लेकिन यदि स्थिति ठीक नहीं है तो अस्पताल में भर्ती कराएं।
जिला मलेरिया अधिकारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि बुखार के बढ़ते मामलों को लेकर उन्होंने अपनी टीमों के माध्यम से 27 हजार घरों में लार्वा की जांच कराई है। साथ ही लोगों को घरों के आसपास गंदा पानी जमा होने और साफ-सफाई करने के लिए जागरूक किया गया है।