हरदोई। जमीन चिह्नित होने के 16 साल बाद भी पाली में रोडवेज बस अड्डा नहीं बन सका है। यात्रियों को सड़क किनारे खड़े होकर घंटों बसों का इंतजार करना पड़ता है।
कस्बे से रोजाना बड़ी संख्या में लोग जिला मुख्यालय व अन्य स्थानों के लिए आवाजाही करते हैं। इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी में बसों के इंतजार में लोगों का पसीना छूट रहा है।
पाली नगर में क्षेत्रीय लोगों की मांग पर वर्ष 2006 में रोडवेज बस अड्डा बनाने के लिए परिवहन विभाग ने मंजूरी दी थी। बैरियर चौराहे के निकट परिवहन निगम ने पैमाइश कराकर भूमि कब्जे में ले ली थी। इसके बावजूद बस अड्डे का निर्माण अब तक शुरू नहीं हो सका। क्षेत्र की जनता रोडवेज बस अड्डे की लगातार मांग कर रही है।
नगर में न तो रोडवेज और न ही निजी बसों को खड़ी करने का कोई स्थान तय है। ऐसे में लोग सड़क किनारे खड़े होकर बसों का इंतजार करते हैं। नगर की लगभग दो लाख आबादी है।
यहां से रोजाना सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राएं पढ़ने के लिए हरदोई व आसपास जाते हैं। वहीं व्यापारी भी कारोबार के लिए दूसरे शहरों व महानगरों के लिए रोजाना आवाजाही करते हैं।
उन्हें सर्दी, गर्मी, बारिश में सड़क किनारे बैठकर बसों की प्रतीक्षा करनी पड़ती है। परिवहन विभाग रोजाना सफर करने वाले क्षेत्र के यात्रियों से लाखों रुपये राजस्व वसूल रहा है, फिर भी उसका ध्यान रोडवेज बस अड्डे के निर्माण की ओर नहीं है।
यात्री यहां करते इंतजार
रामलीला चौराहा, बैरियर चौराहा, बरगद चौराहा, निजामपुर पुलिया पर खुले आसमान के नीचे तेज धूप में खड़े होकर यात्री घंटों रोडवेज बसों का इंतजार करते हैं। यहां गर्मी में सूखते गले को तर करने के लिए यात्रियों को अपनी जेब भी ढीली करनी पड़ती हैं। उन्हें दुकानदारों से बोतल वाला पानी खरीदकर पीना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने कई बार जनप्रतिनिधियों व विभागीय अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया लेकिन किसी ने भी उनकी परेशानी को अब तक दूर नहीं किया है।
मामला संज्ञान में है। यह विषय परिवहन निगम मुख्यालय से संदर्भित है। जैसे निर्देश मिलेंगे, उसी आधार पर बस अड्डे का निर्माण कराने के लिए प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी। - मनोज त्रिवेदी, क्षेत्रीय प्रबंधक रोडवेज, हरदोई रीजन