हरदोई। जिला अस्पताल की ओपीडी में दवा के लिए मरीजों के साथ वसूली किए जाने का मामला प्रकाश में आया। सोमवार को ओपीडी में एक कर्मचारी ने तीमारदार से 100 रुपये लेकर दवाएं दे दी। तीमारदार ने इसकी शिकायत मेडिकल कॉलेज प्राचार्य से कर दी। प्राचार्य ने कर्मचारी को बुलाकर उसे तत्काल निलंबन पत्र थमा दिया।
पिहानी क्षेत्र के ग्राम छतैया निवासी गोमती (75) पैर दर्द से परेशान हैं। सोमवार सुबह उनका बेटा राम औतार मां को दवा दिलाने के लिए जिला अस्पताल लेकर लाया। रामऔतार के मुताबिक पर्चा बनवाने के बाद वह मां को ओपीडी में 7 नंबर कक्ष में डॉक्टर को दिखाने ले गया।
डॉक्टर ने परामर्श देकर पर्चे पर दवाएं लिख दीं। मां को ओपीडी में खड़ा करके वह काउंटर पर पर्चा लेकर पहुंचा। जहां काउंटर पर ट्रामा सेंटर में तैनात कर्मचारी रोहित सिंह खड़ा था। आरोप है कि कर्मचारी ने उससे पर्चा लेकर अच्छी दवाएं दिलाने की बात कहकर रुपये मांगे।
इस पर उसने 100 रुपये पर्चे में लपेट कर दे दिए। रुपये लेने के बाद कर्मचारी ने उसे काफी मात्रा में दवाएं लाकर दे दीं। कुछ देर बाद उसेे पता चला कि अस्पताल में सारी दवाएं निशुल्क मिलतीं है, उसे रुपये लेकर दवा दी गई है।
इस पर उसने मामले की शिकायत मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ.वाणी गुप्ता से कर दी। प्राचार्य ने सीएमएस कार्यालय पहुंचकर कर्मचारी को बुलवाकर पूछताछ की।
सही जवाब न देने पर प्राचार्य ने उसे निलंबित कर दिया। प्राचार्य ने बताया कि अस्पताल में किसी मरीजों के तीमारदारों के साथ वसूली करने वालों को बक्सा नहीं जाएगा।
आशा कार्यकर्ता को रिश्वत लेते पकड़ा
हरदोई। जिला महिला अस्पताल में आशा कार्यकर्ताओं की मरीजों के तीमारदारों से वसूली थम नहीं रही है। सोमवार को एक मरीज को भर्ती कराने के नाम पर एक आशा कार्यकर्ता ने रुपये ठग लिए।
ड्यूटी पर तैनात सुुरक्षाकर्मी पुष्पेंद्र को इसकी जानकारी हुई। सुरक्षाकर्मी ने आशा बहू को रिश्वत लेते पकड़ लिया। सुरक्षाकर्मी ने उसे सख्त हिदायत देकर रुपये वापस कराए।
मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ.वाणी गुप्ता ने अस्पताल पहुुंचकर पूछताछ की। उन्होंने अस्पताल का निरीक्षण कर तीमारदरों को किसी प्रकार को रुपये न देने की बात कही।