फोटो-41-रेलवेगंज में पुलिस चौकी के निकट तिराहे पर स्थित गड्ढा। संवाद
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हरदोई। 16 सितंबर से सूबे में जिस गड्ढा मुक्त सड़क अभियान की शुरुआत धूमधाम से हुई थी, उसकी हकीकत ग्रामीण इलाकों में छोड़िए शहर तक में बेहद खराब है। अधिकांश गड्ढे जस के तस हैं और अगर कहीं रोड़ी पत्थर डाले भी गए, तो डामर न डाले जाने के कारण अब इनका कोई पता भी नहीं है। कुल मिलाकर गड्ढ़ा मुक्त सड़क अभियान की मियाद भर चुकी है, लेकिन गड्ढे अब भी जस के तस हैं। गड्ढा मुक्त सड़क अभियान पहले 15 नवंबर तक चलाया जाना था, लेकिन बाद में इसकी अवधि बढ़ाकर तीस नवंबर और फिर 5 दिसंबर कर दी गई थी।
शहर के अधिकांश मार्ग नगर पालिका के अधीन हैं। रेलवेगंज में पुलिस चौकी के निकट तिराहे पर एक गड्ढा है। नगर पालिका तो कई बार इस गड्ढे को भरवाने का दावा और वादा कर चुकी है, लेकिन गुरुवार को भी गड्ढा जस का तस मौके पर ही है। आवागमन में लोगों को दिक्कतें होती हैं, लेकिन गड्ढा मुक्त सड़क अभियान भी इस गड्ढे को नहीं भरवा सका।
शहर में रेलवेगंज इलाके में ही सरकुलर रोड से बैंक ऑफ इंडिया जाने वाले मार्ग के तिराहे पर भी काफी दिनों से गड्ढा है। स्थानीय बाशिंदों को उम्मीद थी कि यह गड्ढा सामान्य तौर पर भले ही न भरा गया हो, लेकिन गड्ढा मुक्त सड़क अभियान में तो इस पर पैबंद लग जाएगा, लेकिन फिर भी यहां कोई कार्य नहीं हो पाया। आने जाने वालों के लिए यह मुसीबत का सबब है।
शहर में बाबा मंदिर चौराहा पर सड़क की दशा खराब है। यहां सड़क के गड्ढे भरने के लिए गिट्टी, बजरी और रोड़ी डाली गई थी, लेकिन जिम्मेदार इस पर डामर डालना भूल गए। नतीजा यह हुआ कि जो गिट्टी बजरी डाली गई थी वह भी गायब हो गई। आने जाने वालों के लिए मुसीबत है, तो बजरी बिखरी होने के कारण राहगीरों को गिरने का डर भी लगा रहता है।
ईओ बोले
अधिशासी अधिकारी रवि शंकर शुक्ल का कहना है कि शहर के कुछ मार्गों का निर्माण और जीर्णोद्धार विधायक निधि से कराया जाना प्रस्तावित है। इसके चलते कुछ मार्गों को गड्ढा मुक्त अभियान में शामिल नहीं किया गया था। विधायक निधि से जल्द ही कार्य शुरू हो जाएंगे और शहर के सभी मार्ग गड्ढा मुक्त हो जाएंगे।