वित्त विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि राज्य लोक सेवा आयोग की सहमति के बाद बर्खास्तगी के आदेश जारी होंगे। सीएम ऑफिस ने वित्त विभाग से यह भी पूछा है कि गबन हुई धनराशि की भरपाई कैसी होगी?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हरदोई कोषागार से 5.45 करोड़ रुपये के गबन के आरोपी दो वरिष्ठ कोषाधिकारियों की बर्खास्तगी के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। पेंशन व ग्रेच्युटी से यह रकम फर्जी पीपीओ के जरिए निकाली गई थी। राज्य लोक सेवा आयोग की सहमति लेकर इन्हें सेवा से बाहर किया जाएगा। वित्त विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि राज्य लोक सेवा आयोग की सहमति के बाद बर्खास्तगी के आदेश जारी होंगे। सीएम ऑफिस ने वित्त विभाग से यह भी पूछा है कि गबन हुई धनराशि की भरपाई कैसी होगी?
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गबन के इस मामले में हरदोई में 6 नवंबर 2019 व 30 अप्रैल 2020 को एफआईआर दर्ज कराई गई थी। 5.45 करोड़ रुपये में से 2.49 करोड़ का गबन तत्कालीन वरिष्ठ कोषाधिकारी दीपांकर शुक्ला और 39.24 लाख रुपये तत्कालीन वरिष्ठ कोषाधिकारी देवी प्रसाद के कार्यकाल में हुआ था। इन दोनों अधिकारियों ने अधीनस्थ कर्मियों की सिफारिश पर अधिकृत अधिकारी के रूप में भुगतान प्रस्ताव को अनुमोदित किया था। शेष धनराशि का निर्धारण किया जा रहा है। बता दें कि जांच के बाद इन अधिकारियों को एक वेतनमान पदावनत करने का प्रस्ताव किया गया था। मुख्यमंत्री योगी ने इस पर सवाल किया कि क्या प्रस्तावित दंड पर्याप्त है? इसके बाद शासन ने पुनर्विचार के बाद दोनों को ही सेवा से बर्खास्त करने की सिफारिश की थी।