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साढ़े चार बीघा जमीन वाले ने सरकार का बेची साढ़े तीन लाख की उपज

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हरदोई। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मुफ्त राशन लेने के साथ ही तीन लाख रुपये से अधिक की उपज सरकारी क्रय केंद्रों पर बेचने वाले राशन कार्ड धारकों का सत्यापन तेजी से शुरू हो गया है। सत्यापन के दौरान दंग कर देने वाली जानकारियां भी सामने आ रही हैं। बिलग्राम तहसील क्षेत्र के ग्राम बाबटमऊ में कराए गए सत्यापन के दौरान पता चला है कि जिन लोगों के पास महज साढ़े चार से दस बीघा कृषि योग्य भूमि ही है, ने सरकारी क्रय केंद्रों पर तीन लाख रुपये से अधिक की उपज बेच दी। खास बात यह है कि इतने खेत में इतनी उपज हो ही नहीं सकती,जितनी क्रय केंद्रों पर बेच दी गई। बिलग्राम तहसील क्षेत्र के ग्राम बाबटमऊ में 14 राशन कार्ड धारकों का सत्यापन कराया गया, तो इन सभी के पास महज साढ़े चार से दस बीघा क़ृषि योग्य भूमि निकली, लेकिन इन लोगों ने तीन लाख रुपये से अधिक की उपज सरकार को बेची है।
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प्रकरण 1-
बिलग्राम तहसील क्षेत्र के बाबटमऊ निवासी सुमन और उसके परिवार को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मुफ्त राशन मिल रहा है। जनपद में तीन लाख रुपये से अधिक की उपज बेचने वाले और साथ ही मुफ्त राशन लेने वालों का सत्यापन शुरू हुआ तो लेखपाल ने सुमन के घर पर दस्तक दी। पता चला कि सुमन के परिवार के मुन्नीलाल के नाम 0.4000 हेक्टेयर भूमि (लगभग साढ़े चार बीघा पांच बिसवा) है। शासन से मिले आंकड़ों के मुताबिक मुन्नीलाल ने सरकारी क्रय केंद्र पर 3,50,412.80 रुपये का गेहूं बेचा है, जबकि, इतने खेत में महज साढ़े 12 क्विंटल गेहूं ही हो सकता है।
प्रकरण 2-
बिलग्राम तहसील क्षेत्र के ग्राम बाबटमऊ निवासी अशोक कुमार को भी लगातार मुफ्त राशन मिल रहा है। उनके पास भी लगभग साढ़े चार बीघा पांच बिसवा भूमि है। शासन स्तर से जिला प्रशासन को उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के आधार पर सत्यापन हुआ तो पता चला कि मुफ्त राशन लेने वाले अशोक कुमार तीन 3,64,006.40 रुपये का गेहूं सरकारी क्रय केंद्र पर बेच आए। उनके पास भी जितना खेत है उस आधार पर अधिकतम साढ़े बारह क्विंटल गेहूं की ही उपज हो सकती है।
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प्रकरण 3-
ग्राम बाबटमऊ में ही रामश्री उर्फ निर्मला के नाम से राशन कार्ड है। राशन कार्ड में परिवार के जो सदस्य शामिल हैं उनमें रामजीवन भी हैं। पूरे परिवार को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मुफ्त राशन दिया जा रहा है। शासन से भेजे गए सरकारी क्रय केंद्रों पर उपज बेचने वाले किसानों की सूची में रामजीवन का नाम भी है। रामजीवन ने सरकारी क्रय केंद्र पर 3,45,126 रुपये की उपज बेची है। रामजीवन के पास लगभग दस बीघा (0.840 हेक्टेयर) कृषि योग्य भूमि है। इतने रकबे में कोई भी फसल इतनी नहीं हो सकती कि सरकारी क्रय केंद्र पर तीन लाख 45 हजार रुपये में खरीदी जा सके।
डीएसओ बोले : शासन के निर्देशों का इंतजार
जिला पूर्ति अधिकारी संजय कुमार पांडेय ने बताया कि अभी सत्यापन प्रक्रिया चल रही है। सभी रिपोर्ट आने के बाद जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को जानकारी भेज दी जाएगी। शासन से इस संबंध में जो भी निर्देश मिलेंगे, उस पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि फिलहाल जो लोग अपात्र मिल रहे हैं उनके नाम राशन कार्ड से काटे जा रहे हैं।
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