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स्मृति शेष: पार्टी के कल्याण के लिए हरदोई में खूब आए ‘राम के कल्याण’, कार्यकर्ताओं का हालचाल लेना अंत तक याद रखा

Sun, 22 Aug 2021 08:07 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई

सार

वर्ष 1991 में मुख्यमंत्री बनने से पहले कल्याण सिंह की हरदोई से नजदीकियां रहीं, लेकिन कद और जिम्मेदारी बढ़ने के बाद उनका यहां आना कम ही हो पाया।
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कल्याण सिंह (1932 - 2021) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दो बार सूबे के मुख्यमंत्री रहे, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान के पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह के निधन से हरदोई जनपद में शोक की लहर दौड़ गई। भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ ही आम लोगों ने भी कल्याण सिंह के निधन पर शोक जताया।
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वर्ष 1991 में मुख्यमंत्री बनने से पहले कल्याण सिंह की हरदोई से नजदीकियां रहीं, लेकिन कद और जिम्मेदारी बढ़ने के बाद उनका यहां आना कम ही हो पाया। हालांकि वे हमेशा हरदोई के लोगों के संपर्क में रहे और यहां से जब कोई उनसे मिलने जाता था, तो वह अपने पुराने साथियों / समर्थकों की कुशलक्षेम जरूर लेते थे।

कल्याण सिंह के निधन पर घोषित किए गए तीन दिन के राजकीय शोक के मद्देनजर कलक्ट्रेट परिसर में लगा राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका दिया गया। जनपद में उनके आवागमन और करीबियों को लेकर एक विशेष रिपोर्ट -
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... तब टीएन गुप्ता की कोठी के लॉन में कर ली थी जनसभा
वर्ष 1988 में कल्याण सिंह पार्टी को मजबूत करने के लिए पूरे प्रदेश का दौरा करने निकले थे। इसको लेकर जनसभाएं की जा रही थीं। तब सूबे में कांग्रेस की सरकार थी और जनसभाओं में बहुत भीड़ नहीं उमड़ती थी।

पार्टी से जुड़े पुराने लोग बताते हैं कि इसके बावजूद कल्याण सिंह जनसभाओं को संबोधित करने में नहीं हिचकते थे और मौजूद लोगों में जोश भर देते थे। वर्ष 1988 में कल्याण सिंह ने भाजपा के तत्कालीन नगर अध्यक्ष त्रियुगी नाथ गुप्ता की सांडी रोड स्थित कोठी के बड़े लॉन में रात में जनसभा की थी। त्रियुगी नाथ गुप्ता की पुत्रवधू अलका गुप्ता इन दिनों भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष हैं।

गांधी मैदान में कई बार संबोधित की सभाएं
शहर के गांधी मैदान में कल्याण सिंह ने कई बार जनसभाएं संबोधित कीं। वर्ष 1995 में  गांधी मैदान में आयोजित जनसभा को कल्याण सिंह के साथ लालजी टंडन, कलराज मिश्रा, बाबू जगन्नाथ प्रसाद ने भी संबोधित किया था।  

इस जनसभा में संडीला के तत्कालीन विधायक कुंवर महावीर सिंह, शाहाबाद के  तत्कालीन सांसद सुरेंद्र पाल पाठक के अलावा पूर्व विधायक सुरेंद्र दुबे, वरिष्ठ नेता रहे रामबली मिश्रा, जगन्नाथ सिंह, स्वयंवर सिंह भी मौजूद रहे थे। उक्त सभी नेताओं का निधन हो चुका है।
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राजीव और रानू से पूछा था अपने पुराने साथियों का हाल
राज्यपाल पद की जिम्मेदारी से मुक्त होने के बाद कल्याण सिंह अक्सर लखनऊ में ही रहते थे। उनके जन्मदिन पर हरदोई से भी लोग बधाई देने के लिए जाते थे। वर्ष 2020 में उनके जन्मदिन पर बधाई देने के लिए गए भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राजीव रंजन मिश्र और सवायजपुर विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू से  कल्याण सिंह ने अपने पुराने साथियों का हाल लिया था। राजीव रंजन मिश्र बताते हैं कि  कल्याण सिंह को पार्टी के अधिकांश पुराने लोगों के नाम रटे हुए थे।

प्रदेश अध्यक्ष के रूप में पाली आए थे कल्याण सिंह
पाली कस्बे के निवासी भाजपा कार्यकर्ता अंबरीश सिंह भदौरिया उर्फ बॉबी बताते हैं कि 1984 में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में कल्याण सिंह पाली कस्बे में आए थे। तब उनके साथ पार्टी के दिग्गज नेता और बाद में शाहाबाद से विधायक रहे गंगाभक्त सिंह भी थे। उन दिनों कांग्रेस के नेताओं का इलाके में दबदबा था। इसके बावजूद अंबरीश सिंह के पिता श्यामा कुमार भदौरिया के नेतृत्व में कल्याण सिंह का भव्य स्वागत हुआ और 21 हजार रुपये की थैली भेंट की गई थी।
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