हरदोई। सब कुछ ठीक रहा तो जिले के 15 साल से अधिक आयु के लगभग 12 हजार निरक्षर जल्द ही ककहरा पढ़ते नजर आएंगे। इनको अक्षर ज्ञान कराने की जिम्मेदारी 191 डिप्लोमा इन एलीमेंटरी एजुकेशन डीएलएड प्रशिक्षु के कंधों पर रहेगी। पढ़ाई-लिखाई अभियान के तहत इन निरक्षरों को चिह्नित करने का कार्य भी शुरू कर दिया गया है।
पढ़ाई-लिखाई नामक अभियान के माध्यम से निरक्षरों को साक्षर किया जाएगा। साथ ही अभियान से जुड़ने वाले डीएलएड प्रशिक्षुओं को काम का प्रतिफल आंतरिक मूल्यांकन में अतिरिक्त अंक से दिया जाएगा। सरकार ने पूर्व में ही डायट से 15 वर्ष के ऊपर आयु के निरक्षरों को चिन्हांकन कर साक्षर करने के निर्देश दिए गए थे। सर्वे के बाद शासन को जनपद के लगभग 12000 निरक्षरों की सूचना डाइट के माध्यम से भेजी गई। जिन्हें साक्षर करने के लिए चिह्नित किया गया है।
डीएलएड प्रशिक्षुओं को होगा दायित्वों का बोध: प्राचार्य
डाइट प्राचार्य रावेंद्र सिंह बघेल ने बताया कि उनके यहां अभी 191 डीएलएड प्रशिक्षु हैं। उनके योगदान से निरक्षरों को साक्षर कराया जाएगा। इससे दो फायदे होंगे। एक तो निरक्षरों को अक्षर ज्ञान होगा और दूसरे डीएलएड प्रशिक्षु भी अपने दायित्वों का पूर्ण निर्वहन कर सकेंगे।
एक अक्तूबर से होगी शुरुआत
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि निरक्षरों को साक्षर करने के अभियान की शुरुआत एक अक्तूबर से होगी। एक माह के अध्ययन के बाद अक्षर ज्ञान लेने वालों को परखा जाएगा। तय मानक पर खरे उतरने वाले साक्षर की श्रेणी में आएंगे।
विशेष किताबों से होगी पढ़ाई
पढ़ाई-लिखाई अभियान के तहत निरक्षरों को पढ़ाए जाने के लिए विशेष तरह की किताबों का भी इस्तेमाल किया जाएगा। जिनको छपवाया जाएगा। इन किताबों को छपवाए जाने की जिम्मेदारी एनसीईआरटी को दिया गया है।