मल्लावां विकास खंड के ग्राम प्राथमिक विद्यालय तेंदुआ के प्रधानाध्यापक गजेंद्र प्रताप सिंह। सं?
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हरदोई। कोरोना के कारण पिछले वर्ष सम्मान समारोह न होने के कारण वर्ष 2020 में राज्य पुरस्कार के लिए चयनित शिक्षक गजेंद्र प्रताप सिंह को शिक्षक दिवस के दिन आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी सम्मानित करेंगे। इसको लेकर शिक्षा निदेशक बेसिक के द्वारा दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं।
वर्ष 2020 में ही परिषदीय विद्यालयों से राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित शिक्षकों की सूची को जारी कर दिया गया था। जारी सूची में मल्लावां विकास खंड के ग्राम प्राथमिक विद्यालय तेंदुआ के प्रधानाध्यापक गजेंद्र प्रताप सिंह शामिल रहे थे। लेकिन, उस दौरान कोरोना काल के चलते कोई आयोजन न हो पाने की स्थिति में सम्मान समारोह नहीं हो सका। इस बार शासन स्तर से नए आवेदनों और चयन प्रक्रिया ही रोक लगा दी। इसके चलते शासन स्तर से पिछले वर्ष के चयनित शिक्षकों को सम्मानित कराने का फैसला लिया गया है। इस ओर शिक्षा निदेशक बेसिक डॉ. सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर शिक्षक दिवस पर पांच सितंबर को कार्यक्रम आयोजित कर जिलाधिकारी द्वारा चयनित शिक्षकों को सम्मानित कराने के निर्देश दिए हैं। इधर, एक बार फिर गजेंद्र प्रताप सिंह को बधाई देने वालों का सिलसिला तेज हो गया।
तो इसलिए उनको किया गया चयनित
जिले में राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कृत प्रथम शिक्षक रामजी कनौजिया के पुत्र गजेंद्र पहले बीआरसी मल्लावां पर ब्लाक समन्वयक थे। वर्ष 2014 में जब उन्हें तेंदुआ विद्यालय भेजा गया तो वहां पंजीकरण तो बहुत थे बच्चे सिर्फ 10 से 12 आया करते थे। बाहर रोड नहीं थी। पढ़ाई का माहौल काफी कम था। उन्होंने सबसे पहले गांव से स्कूल आने वाले रोड पर अपने पास से मिट्टी व गिट्टी डलाकर उसे समतल कराया। स्कूल में सरस्वती मां की प्रतिमा व सरदार पटेल की प्रतिमा भी स्थापित कराई। चयन से पूर्व उनसे यह निदेशक द्वारा पूछा गया कि स्कूल में उन्होंने पटेल की प्रतिमा क्यों लगवाई इस पर उन्होंने जवाब दिया कि भारत में प्रधानमंत्री ने सबसे बड़ा उन्हीं का स्टेच्यू लगवाया उन्हीं से प्रेरित होकर उन्होंने यह कार्य किया। इसके अलावा उनके यहां बच्चों की जरूरतों के अनुसार मूलभूत सभी आवश्यकताएं पूरी हैं। वह प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला कोषाध्यक्ष का दायित्व भी निभा रहे हैं।