हरदोई। जिले में साढ़े चार लाख हेक्टेयर में गेहूं समेत रबी की अन्य फसलों की बुवाई की जानी है। किसान बुवाई के लिए पर्याप्त मात्रा में डीएपी न मिलने से परेशान हैं। ऐसे में उनके लिए राहत भरी खबर है। अफसरों का कहना है कि जरूरत के सापेक्ष 30 प्रतिशत खाद जनपद को उपलब्ध हो चुकी है। इसी सप्ताह जनपद में तीन रेल रैक के माध्यम से खाद की बड़ी खेप भी पहुंच रही है, इसके बाद स्थिति सामान्य हो जाएगी।
जिले में लगभग साढ़े चार लाख हेक्टेयर में रबी की फसलों के तहत गेहूं, सरसों व आलू समेत शरद कालीन गन्ना की बुवाई होनी है। बुवाई सत्र शुरू हो चुका है जो दिसंबर तक चलता है। बुवाई सत्र शुरू होते ही डीएपी खाद की मांग एकदम से बढ़ गई है। लेकिन किसानों का कहना है कि उन्हें जरूरत के सापेक्ष खाद नहीं मिल पा रही है। जिसके कारण बुवाई पिछड़ रही है।
अफसरों का दावा
कृषि विभाग के अधिकारियों के मुताबिक एक औसत के मुताबिक जनपद में 45 हजार मीट्रिक टन डीएपी की खपत की संभावना है, इसके सापेक्ष 12 हजार मीट्रिक टन से अधिक खाद जनपद को प्राप्त हो चुकी है। इसमें से 8-9 हजार मीट्रिक टन खाद अधिकृत केंद्रों व 3-4 हजार मीट्रिक टन खाद प्राइवेट दुकानों को विक्रय/वितरण के लिए प्राप्त हुई है। सात हजार मीट्रिक टन से ज्यादा खाद का वितरण किया जा चुका है। अभी बुवाई का सत्र शुरू हुआ है। बुवाई नवंबर व दिसंबर में जोर पकड़ेगी। बताया कि जनपद में 5253 मीट्रिक टन खाद वर्तमान में उपलब्ध है, जबकि इसी सप्ताह तीन रैक के माध्यम से लगभग आठ हजार मीट्रिक टन खाद जिले को प्राप्त होगी। जिला कृषि अधिकारी उमेश साहू ने बताया कि अधिकारियों से इस संबंध में वार्ता भी की गई है।
इतने केंद्रों से किया जा रहा है खाद का वितरण
जनपद में पीसीएफ समेत सहकारी समितियों के 105 केंद्र संचालित हैं, जिनसे खाद का वितरण कराया जा रहा है। वहीं 1200 से अधिक प्राइवेट विक्रेता भी पंजीकृत हैं। पंजीकृत विक्रेताओं द्वारा भी प्राइवेट कंपनियों की खाद निरंतर किसानों को वितरित की जा रही है।
खाद लेने के लिए लगी किसानों की भीड़
कस्बे के बघौली रोड पानी की टंकी के पास पीसीएफ केंद्र पर सुबह से सैकड़ों किसानों की भीड़ लगी रही। केंद्र पर मौजूद रमेश, बहादुर, महावीर, सरोज, दिनेश कुमार व राजकुमार आदि ने बताया कि वह सब केंद्र पर खाद लेने के लिए लाइन में खड़े हैं। केंद्र पर खाद का वितरण किया जा रहा है, लेकिन वितरण की रफ्तार काफी सुस्त है। केंद्र प्रभारी योगेश कुमार ने बताया कि किसानों से खतौनी व आधार कार्ड लेकर व ई-पॉस मशीन में अंगूठा लगवाकर खाद का वितरण किया जा रहा है। बताया कि केंद्र पर 420 बोरी खाद स्टॉक में है, जिसे वितरित किया जा रहा है।