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हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग, ढाई घंटे अतरौली चौराहा जाम

Sun, 10 Jun 2018 11:02 PM IST
हरदाेई
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ठेलिया पर रखा शव - फोटो : अमर उजाला
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अतरौली कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम डांडा निवासी युवक की हत्या के नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजनों और ग्रामीणों ने ठेलिया पर शव रखकर अतरौली चौराहे पर जाम लगा दिया। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी के अलावा उपजिलाधिकारी संडीला मौके पर पहुंचे। ढाई घंटे तक चौराहे पर जाम लगा रहा। दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो गई तो ग्रामीण मुआवजा दिलाने की मांग करने लगे। इस पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने नियमानुसार कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया।  

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अतरौली थाना क्षेत्र के ग्राम डांडा निवासी राजेश कश्यप (40) पुत्र रामस्वरूप शुक्रवार शाम साढ़े चार बजे सब्जी लेने मिश्रीखेड़ा बाजार जा रहा था। रास्ते में ईंट भट्ठा मालिक नीरज मिश्रा और उनके पुत्र राजा मिश्रा निवासी ग्राम खसरौल और सुधीर दीक्षित पुत्र विजय शंकर निवासी मिश्रीखेड़ा ने अज्ञात साथियों के साथ राजेश को घेर लिया था। रॉड और चाकुओं से हमला कर राजेश को घायल कर दिया। उपचार के दौरान लखनऊ ट्रामा सेंटर शुक्रवार देर रात उसकी मौत हो गई थी। मृतक के पिता रामस्वरूप ने तीनों आरोपियों को नामजद कर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शनिवार शाम परिजनों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए अतरौली-माल मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया था। देर शाम एसडीएम आशीष सिंह ने 12 घंटे के अंदर आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन देकर जाम खुलवा दिया था। रविवार सुबह लगभग साढ़े 10 बजे फिर से परिजन और ग्रामीण ठेलिया पर राजेश का शव लेकर अतरौली चौराहा पहुंचे और जाम लगा दिया। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी कुंवर ज्ञानंजय सिंह, एसडीएम संडीला आशीष कुमार सिंह, सीओ संडीला अरुण कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। लगभग ढाई घंटे तक जाम लगा रहा। इसी दौरान प्रभारी निरीक्षक दीनानाथ मिश्रा ने हत्या में नामजद नीरज मिश्रा और सुधीर दीक्षित को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने परिजनों से जाम खोलने को कहा। इसके बाद कुछ ग्रामीण मृतक की बहन की 16 जून को होने वाली शादी के मद्देनजर आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग की। अपर पुलिस अधीक्षक ने नियमानुसार सहायता दिलाने की बात कही। जिसके बाद जाम खोल दिया गया।  

बेबस पिता करता रहा शव उठवाने की मांग 
मृतक के परिजन संबंधित इलाके में सक्रिय भाकियू के कुछ कार्यकर्ताओं और गांव की राजनीति में सक्रिय लोगों के बहकावे में आकर जाम लगाने तो पहुंच गए, लेकिन मृतक के पिता से शव की दुर्दशा बर्दाश्त नहीं हुई। जाम के दौरान कई बार मृतक के पिता रामस्वरूप ने कहा कि भीषण गर्मी में शव सड़ा जा रहा है। वह जल्द अंतिम संस्कार करना चाहते थे। पोस्टमार्टम होने के बाद शव की स्थिति वैसे ही खराब हो जाती है। पिता को बिलखता छोड़ कथित समाजसेवी और नेता अपनी-अपनी गोटें फिट करने की जुगत में लगे रहे। 
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मैजिक में की तोड़फोड़  
कथित समाजसेवियों के आगे आने के बाद माहौल भी बिगडने लगा। जाम लगाए लोगों में शामिल कुछ लोगों ने उधर से गुजर रही एक मैजिक पर पथराव भी किया। 

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