हरदोई। देहात कोतवाली क्षेत्र के लालतापुरवा में दुकानदार की हत्या का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। दावा किया दुकानदार की हत्या पत्नी ने अपने प्रेमी (ममेरे देवर) और उसके साथियों के साथ मिलकर की थी। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई देशी पिस्टल और चाकू के साथ मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में दो किशोर भी शामिल हैं। खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा एसपी ने की है।
मूलरूप से शाहजहांपुर जनपद के जलालाबाद कस्बा के मोहल्ला प्रतापनगर निवासी मनोज कुमार पटवा (40) की ससुराल हरदोई के देहात कोतवाली क्षेत्र के ग्राम लालतापुरवा में है। मनोज पत्नी रुचि और दो बच्चों के साथ यहीं रहता था और रेलवेगंज में विसातखाना की दुकान चलाता था। 24 अक्तूबर को आधी रात के बाद लगभग दो बजे मनोज की हत्या कर दी गई थी। चाकू से एक दर्जन से अधिक वार करने के बाद उसके तीन गोलियां भी मारी गईं थीं। मृतक की पत्नी रुचि ने सगे जेठ राकेश, करीबी रिश्तेदार दिलीप और राजीव निवासीगण मोहल्ला प्रतापनगर कस्बा जलालाबाद जनपद शाहजहांपुर के विरुद्ध संपत्ति विवाद में हत्या किए जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
घटना का खुलासा करने के लिए एसपी अजय कुमार ने सीओ सिटी विकास जायसवाल के नेतृत्व में टीम लगाई थी। शुक्रवार को पुलिस लाइन सभागार में एसपी अजय कुमार ने बताया कि विवेचना के दौरान कई महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले, जिनके आधार पर गुरुवार रात शाहजहांपुर मार्ग पर मुखबिर की सूचना पर शिवम निवासी विकास कुंज निकट राधाकृष्ण मंदिर इंदिरापुरी थाना लोनी जनपद गाजियाबाद, उसके एक छोटे भाई और एक साथी को पकड़ा गया। इन लोगों से पूछताछ हुई तो पूरी घटना खुल गई।
एसपी ने बताया कि शिवम और मनोज ममेरे भाई हैं। शिवम की बहन के साथ मनोज के प्रेम संबंध थे। फरवरी में शिवम की बहन की बीमारी से मौत हो गई थी। उधर, दूसरी ओर मनोज की पत्नी रुचि से शिवम के प्रेम संबंध थे।
शिवम जहां एक ओर अपनी बहन से संबंधों का बदला मनोज से लेना चाहता था, वहीं रुचि भी मनोज को रास्ते से हटाकर शिवम के साथ रहना चाहती थी। इसके चलते दोनों ने साजिश रची और दो लोगों के साथ मिलकर मनोज की हत्या कर दी। एसपी ने बताया कि रुचि और शिवम को जेल भेजा गया है, जबकि दोनों किशोर आरोपियों को बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है। एसपी ने खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
पहले भी हुई थी हत्या की कोशिश, फाइनल रिपोर्ट लगते ही हुई हत्या
पुलिस महकमे से जुड़े विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि वर्ष 2020 के दिसंबर में भी मनोज की हत्या की कोशिश हुई थी। तब लखनऊ-हरदोई मार्ग पर ई-रिक्शा से बालाजी खेतुई मंदिर जाते समय दो बाइक सवारों ने मनेाज को गोली मार दी थी। घटना में मनोज घायल हुआ था और रिपोर्ट अज्ञात के विरुद्ध दर्ज कराई गई थी। इस मामले में बीती 23 अक्तूबर को ही फाइनल रिपोर्ट लगाई गई थी और 24 अक्टूबर को आधीरात के बाद मनोज की हत्या हो गई। देहात कोतवाल गंगेश शुक्ला ने बताया कि पूछताछ के दौरान शिवम ने स्वीकार किया है कि सुपारी देकर मनोज की हत्या कराने की साजिश की थी, लेकिन तब मनोज बच गया था।
सर्विलांस सेल की खुलासे में रही महत्वपूर्ण भूमिका
शिवम हत्या करने के लिए छोटे भाई और एक साथी के साथ बस से 24 अक्तूबर को फर्रुखाबाद आया था। फर्रुखाबाद में बस से उतरने के बाद तीनों ने मोबाइल स्विच ऑफ कर लिए थे। इस कारण उनकी लोकेशन नहीं मिलेगी, लेकिन सर्विलांस सेल में तैनात सिपाही इरफान को एसपी ने खुलासे में मदद के लिए लगाया था। जब सर्विलांस के जरिए मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश हुई, तो एक मोबाइल नंबर पर नजरें ठहर गईं। इसके बाद पुलिस मामले की तह तक पहुंच गई।