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पांच किलोमीटर बीमार सड़क 15 हजार को दे रही जख्म

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मुन्नूखेड़ा जाने वाली सड़क की यह है दशा। संवाद - फोटो : HARDOI
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संडीला। सूबे में भले ही हर गांव तक सड़क पहुंचने और खराब रास्तों को गड्ढा मुक्त किए जाने का दावा किया जा रहा हो, लेकिन हरदोई लखनऊ मार्ग से मुन्नूखेड़ा जाने वाली सड़क की दशा बेहद खराब है। आलम यह है कि गड्ढों में सड़क खोजनी पड़ती है। बदहाली इक कदर है कि बिना गिरे-पड़े मार्ग से निकल कर गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं है।
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हरदोई-लखनऊ मार्ग से निकला यहां संपर्क मार्ग तीन गांवों को जोड़ता है और फिर आगे जाकर गदौरा में मिल जाता है। हरदोई-लखनऊ मार्ग से निकला यह मार्ग सांक, टिकरा बरार और ककराली के साथ मुन्नूखेड़ा गांवों को जोड़ता है। प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में वाहनों और लोगों का आना-जाना रहता है। मार्ग के अति व्यस्त होने के बाद भी इसकी दशा बेहद खराब है।
पांच किलोमीटर लंबी सड़क में बेशुमार गड्ढे हैं। सड़क पर गड्ढों का हाल यह है कि कई जगह गहराई के कारण जरा सी जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। दुर्दशाग्रस्त सड़क के कारण किसानों को मंडी तक आवागमन करने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ता है। रोजाना बड़ी संख्या में किसान वाहनों पर लादकर अपनी उपज मंडी तक ले जाते हैं। कई बार संतुलन बिगड़ने से सब्जी लदे वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। इससे किसानों को खुद के घायल होने के साथ उपज का नुकसान भी उठाना पड़ता है।
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इसके अलावा बड़ी संख्या में स्कूल आने-जाने वाले बच्चों और सरकारी कर्मचारियों को भी समस्याएं होती हैं। बरसात के मौसम में तो और भी बुरा हाल हो जाता है। दुर्दशाग्रस्त सड़क में ट्रैक्टर-ट्राली, बाइक व अन्य वाहन भी अक्सर फंस जाते हैं। उक्त मार्ग की दशा खराब होने से लगभग पंद्रह हजार लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पिछले कई वर्ष से मार्गों को गड्ढा मुक्त करने का अभियान चल रहा है, लेकिन इस सड़क की ओर किसी का ध्यान नहीं गया।
संडीला के आईआर इंटर कालेज में कक्षा 11 का छात्र जितेंद्र बताता है ंकि सड़क खराब होने के कारण कई बार मन होता है कि स्कूल ही न जाएं। फिर भविष्य की चिंता होती है और दुर्दशाग्रस्त मार्ग से ही स्कूल जाना पड़ता है।
प्रेम कुमार बताते हैं कि संडीला में एक प्राइवेट नौकरी करते हैं। रोजाना गांव से संडीला आते जाते हैं। सड़क खराब होने के कारण समय ज्यादा लगता है। सड़क बन जाए, तो समय की बचत होगी।
रोहित कहते हैं कि अगर किसी को अचानक कोई समस्या हो जाए तो गड्ढों की वजह से तत्काल मदद में भी मुश्किल होती है। अगर किसी की तबीयत खराब हो जाए तो अस्पताल पहुंचाने के लिए भी खासी मशक्कत करनी होती है।
महावीर किसान हैं। वह बताते हैं कि सड़क खराब होने के कारण ट्रैक्टर ट्राली आए दिन खराब होती है। बरसात में गड्ढों में पानी भर जाता है और इसकी वजह से ट्रैक्टर ट्राली पलट जाती हैं। सड़क की मरम्मत जरूरी है।
सांसद की सुनिए
क्षेत्रीय सांसद अशोक रावत का कहना है कि उक्त मार्ग के खराब होने की जानकारी अब तक नहीं थी। अब संज्ञान में आया है तो लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को उक्त मार्ग की मरम्मत का प्रस्ताव जल्द से जल्द शासन को भेजकर स्वीकृत कराने के संबंध में निर्देश दिए जाएंगे।
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